Ayodhya Ram Mandir Donation theft case: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में भक्तों के चढ़ावे से जुड़े चोरी और गबन के मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस प्रशासन और विशेष जांच टीम (SIT) ने अब चौतरफा कार्रवाई शुरू कर दी है. जहां एक तरफ आरोपियों से भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ है, वहीं दूसरी तरफ उनकी अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने और मंदिर प्रशासन से जुड़े बड़े अधिकारियों से पूछताछ का दौर भी शुरू हो चुका है.
किस चोर के पास से कितना मिला कैश?
अयोध्या पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से सबसे बड़ी रिकवरी मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के पास से हुई है. अविनाश ने पूछताछ में कबूला कि वह चढ़ावे की गिनती के दौरान पैसे चुराता था. उसकी निशानदेही पर 20 लाख 39 हजार 220 रुपये नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, दो सोने की चेन और एक अंगूठी बरामद की गई है.
पुलिस द्वारा जारी की गई पूरी लिस्ट के अनुसार, आरोपियों से कुल मिलाकर करीब 90 लाख रुपये का कैश और जेवरात बरामद किए जा चुके हैं:
- करूणेश पांडेय: 18,07,063 रुपये
- अनुकल्प मिश्रा: 16,82,040 रुपये
- लवकुश मिश्रा: 14,25,000 रुपये
- रमाकांत मिश्रा: 7,32,170 रुपये
- मनीष कुमार यादव: 2,00,000 रुपये
- राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू: 1,00,000 रुपये
जांच में राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और अविनाश शुक्ला को इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड माना जा रहा है. अविनाश के योग केंद्र से 'रामराज्य कोष' लिखा एक संदिग्ध बक्सा भी मिला है, जिस पर पुराना पेटीएम क्यूआर कोड लगा है. पुलिस इस बक्से के रहस्य को सुलझाने के लिए अविनाश की 48 घंटे की रिमांड मांग रही है.
आरोपी लवकुश की संपत्ति पर चलेगा बुलडोजर!
चोरी के पैसे से बनाई गई संपत्तियों पर भी प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है. आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर सोहावल तहसील में बन रही एक बहुमंजिला इमारत को अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने सील करने का नोटिस थमा दिया है. जांच में पता चला है कि लवकुश ने मंदिर के दफ्तर में काम करने के दौरान ही अक्टूबर 2025 में यह जमीन खरीदी थी. कागजों पर इसकी कीमत 8.8 लाख रुपये दिखाई गई थी, लेकिन बाजार में इसकी कीमत 25 लाख रुपये से अधिक है.
बिना स्वीकृत नक्शे के बन रही इस बिल्डिंग को लेकर प्रशासन ने एक हफ्ते का समय दिया है. यदि तय समय में कागज नहीं दिखाए गए, तो इस अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया जाएगा. चौंकाने वाली बात यह भी है कि गृहणी होने के बावजूद सुप्रिया के खाते में सालाना 24 लाख रुपये के लेन-देन का पता चला है, जिसकी जांच जारी है.
SIT का कार्यकाल बढ़ा, व्यवस्थापक से पूछताछ
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली एसआईटी (SIT) का कार्यकाल 15 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया है. एसआईटी ने अपनी 21 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद अंतिम रिपोर्ट के लिए और समय मांगा था.
पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए बुधवार को राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव सहित करीब 10 लोगों को कमांड सेंटर बुलाकर घंटों पूछताछ की. पुलिस यह पता लगा रही है कि इतने कड़े सुरक्षा घेरे में इतनी बड़ी चोरी कैसे होती रही. इसके साथ ही पुलिस ने मुख्य आरोपियों के पैतृक गांवों (मिल्कीपुर, खंडासा और रुदौली) में छापेमारी कर लवकुश के पिता को भी हिरासत में लिया है. एसआईटी 10 जुलाई के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों पर गाज गिर सकती है.