Ram Mandir Trust CEO Recruitment: अयोध्या के भव्य राम मंदिर का प्रशासनिक कामकाज और वित्तीय प्रबंधन देखने के लिए जल्द ही एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की तैनाती की जाएगी. इसके लिए बनाई गई तीन सदस्यीय समिति की पहली बैठक आज दिल्ली में आयोजित की गई, जिसमें उम्मीदवारों के चयन के लिए कड़े नियम व मानदंड तय कर दिए गए हैं. समिति की कोशिश है कि अगले 1 महीने के भीतर सीईओ के चयन की पूरी प्रक्रिया को संपन्न कर लिया जाए.
सीईओ चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए बनाई गई इस समिति में कई दिग्गज हस्तियां शामिल हैं. इनमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हावड़े शामिल हैं. इसके साथ ही, चयन प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने और समिति के सहयोग के लिए एक सचिव नियुक्त करने का भी निर्णय लिया गया है.
अयोध्या राम मंदिर का CEO बनने के लिए क्या है पहली शर्त? सर्च पैनल ने कहा-डिग्री काफी नहीं
क्या होगी योग्यता और शर्तें?
समिति द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार, आवेदक का हिंदू धर्म से होना अनिवार्य है. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उम्मीदवार का कम से कम ग्रेजुएट होना जरूरी है. इसके अलावा, आवेदक के पास प्रशासन या फाइनेंस के क्षेत्र में न्यूनतम 20 साल का कार्य अनुभव होना चाहिए. जिन उम्मीदवारों के पास मंदिर प्रबंधन का पूर्व अनुभव होगा, उन्हें चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी.
3 साल का कार्यकाल और अयोध्या में रहना अनिवार्य
चुने गए सीईओ की शुरुआती नियुक्ति 3 साल के कार्यकाल के लिए होगी. इसके साथ ही एक मुख्य शर्त यह भी रखी गई है कि सेवाकाल के दौरान सीईओ को अयोध्या में ही निवास करना होगा.
आवेदन कैसे करें?
इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 18 जुलाई तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक विशेष ईमेल आईडी तैयार की जा रही है, जिसके जरिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे. अंतिम तिथि तक प्राप्त हुए आवेदनों की समीक्षा के बाद, समिति योग्य उम्मीदवारों के साथ व्यक्तिगत चर्चा करेगी.
राम मंदिर के चढ़ावे में ’70 बार’ चोरी के मिले सबूत, SIT की जांच रिपोर्ट में हुए चौंकाने वाले खुलासे