बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देकर चर्चा में आए अलंकार अग्निहोत्री अब राजनीति के मैदान में उतरने जा रहे हैं. वे आज वृंदावन में अपनी नई राजनीतिक पार्टी के नाम की औपचारिक घोषणा करेंगे. अग्निहोत्री ने बताया कि उनकी पार्टी का नाम भगवान राम और भगवान कृष्ण के नामों के अद्भुत संगम से मिलकर बना है. पार्टी का ऐलान करने से पहले वे बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करेंगे और आशीर्वाद लेंगे. लंबे मंथन के बाद बनाई गई इस पार्टी का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना होगा.
सनातन और संस्कृति की रक्षा का लिया संकल्प
अलंकार अग्निहोत्री ने रविवार को मीडिया से बातचीत में अपने भविष्य के राजनैतिक विजन को साफ कर दिया था. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी केवल सत्ता के लिए नहीं बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए काम करेगी. प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद उन्होंने जिस तरह से धार्मिक मुद्दों पर अपनी राय रखी है, उससे यह साफ है कि उनकी पार्टी का एजेंडा हिंदुत्व और सामाजिक न्याय पर आधारित होगा. वृंदावन को इस बड़े एलान के लिए चुनना भी एक बड़ा संकेत है कि वे अपनी राजनीति की जड़ें अध्यात्म और परंपराओं से जोड़कर रखना चाहते हैं.
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शंकराचार्य विवाद पर सरकार और सिस्टम को घेरा
अग्निहोत्री ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शंकराचार्य को सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया जा रहा है. उन पर लगे आरोप पूरे सनातन समाज की छवि को खराब करने की कोशिश हैं. अग्निहोत्री ने यह भी दावा किया कि जिन लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है, उनका खुद का आपराधिक रिकॉर्ड संदिग्ध है. उन्होंने साफ किया कि उनकी पार्टी संतों के सम्मान और धार्मिक गुरुओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने को तैयार रहेगी.
इस्तीफे से सुर्खियों तक का सफर और नई राह
अलंकार अग्निहोत्री उस समय सबसे ज्यादा चर्चा में आए थे जब उन्होंने यूजीसी की नई गाइडलाइंस और प्रयागराज मेले में शंकराचार्य के साथ हुए विवाद के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. एक होनहार अफसर का अचानक पद छोड़ना और फिर खुलकर धार्मिक मुद्दों पर बोलना लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना हुआ है. अब प्रशासनिक अनुभव और धार्मिक झुकाव के साथ वे राजनीति की नई पारी शुरू कर रहे हैं. सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राम और कृष्ण के नाम पर बनने वाली यह पार्टी आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्या बड़ा बदलाव लेकर आती है.