Akhilesh Yadav On Akash Anand: समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने आकाश आनंद को लेकर पूछे गए एक सवाल पर बीजेपी और दूसरी राजनीतिक दलों पर तंज कसा. मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि ‘अंकल’ किसी एक रिश्ते तक सीमित नहीं है. ये चाचा, ताऊ, मौसा या फूफा के लिए भी इस्तेमाल हो सकता है. अखिलेश ने कहा कि सवाल सिर्फ एक ही रिश्ते को लेकर क्यों किया जा रहा है.
संत की भाषा को लेकर तंज
अखिलेश यादव ने साफ किया कि आकाश आनंद को लेकर फैसला उनकी पार्टी का विषय है और दूसरे राजनीतिक दलों को इस पर टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, ‘अगर तुम आकाश आनंद को लेकर आओगे तो ले लेंगे. इनकी इच्छा है लेकर आएं, हम ले लेंगे फिर.’ उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की भाषा संत की हो सकती है. अखिलेश ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर संत की भाषा देखनी है तो एएनआई को देख सकते हैं.
मायावती ने आकाश आनंद को BSP से निकाला
दरअसल बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया है. उन्होंने ऐलान किया कि आकाश आनंद अब बीएसपी से पूरी तरह अलग हैं. ये कार्रवाई यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों के बीच हुई है. मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आकाश आनंद के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी शेयर की. उन्होंने आरोप लगाया कि आकाश पार्टी और बहुजन आंदोलन के हितों से ज्यादा निजी रिश्तों और परिवार को अहमियत दे रहे थे. मायावती ने उनकी राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें ‘डबल माइंड’ होकर काम करने वाला बताया.
यह भी पढ़ें- ईशान आनंद IN…आकाश आनंद OUT, मायावती ने छोटे भतीजे को क्यों दी BSP में अहम जिम्मेदारी?
अशोक सिद्धार्थ का भी विवाद में जिक्र
मामले में आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ का नाम भी सामने आया. मायावती ने आकाश के राजनीतिक भविष्य को देखते हुए अशोक सिद्धार्थ से राजनीति से संन्यास लेने को कहा था. इसके बाद अशोक सिद्धार्थ ने गुरुवार सुबह राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की. हालांकि, मायावती ने उनके इस फैसले को देर से उठाया गया कदम बताया.
ईशान आनंद को मिली अहम जिम्मेदारी
आकाश आनंद के खिलाफ कार्रवाई के बीच मायावती ने उनके छोटे भाई ईशान आनंद को संगठन में अहम जिम्मेदारी दी है. उन्हें उत्तर भारत का चीफ सेक्टर कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है. ईशान आनंद ने मायावती की पोस्ट को सोशल मीडिया पर रीपोस्ट भी किया. आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने और ईशान आनंद को नई जिम्मेदारी देने के बाद बीएसपी में लीडरशिप और भविष्य के उत्तराधिकार को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं. 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले इसे पार्टी के भीतर एक अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.
संबंधित खबरें
पावर स्टार पवन सिंह पर 1000 रुपए जुर्माना, फैमिली कोर्ट में नही हुए पेश
4 hrs agoक्या मोदी कैबिनेट से इस्तीफा देंगे दो मंत्री? राज्यसभा की लिस्ट से नाम गायब
8 hrs agoयूपी चुनाव में कांग्रेस की 200 सीटों की डिमांड पर क्या बोले सपा सांसद?
9 hrs agoसीएम धामी का खटीमा में का ‘आंगन मिलन’, गर्भवती महिलाओं को बांटी किट
9 hrs agoआकाश आनंद की BSP में फिर वापसी, बनाए गए राष्ट्रीय संयोजक
10 hrs agoयूपी में पति पर पत्नी को पीटकर घर से निकालने का आरोप, 10 लाख कैश की डिमांड
14 hrs agoराम मंदिर दान चोरी का किसने किया था पर्दाफाश? चंपत राय को लेकर बड़ा खुलासा
18 hrs agoUP चुनाव: कांग्रेस ने मांगी 200 सीटें तो अखिलेश बोले- 'बात जीत की है'
1 day agoआदि रंगोत्सव में धामी ने बजाया ढोल, एकलव्य स्कूल को ₹10 करोड़
1 day agoसीएम धामी ने की चार महत्वपूर्ण घोषणाएं, बनबसा-टनकपुर में होगा विकास
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines