मुख्य बातें:

  • हरीपर्वत पर मेट्रो और सीएम ग्रिड के निर्माण कार्य के चलते एक लेन को बंद किया गया है.
  • दिल्ली गेट चौकी से बाग फरजाना की तरफ ट्रैफिक मोड़ने से वाहनों की लंबी लाइन लग रही है.
  • दोपहर में स्कूलों की छुट्टी के वक्त गाड़ियों का दबाव बढ़ने से जाम की समस्या सबसे ज्यादा है.
  • सख्त डायवर्जन के बावजूद बाइक सवार नियमों को तोड़कर गलत दिशा से गाड़ियां निकाल रहे हैं.
  • रोंग साइड से आने वाले वाहनों के कारण सोमवार को दो बाइक और कार के बीच टक्कर भी हुई.

Agra Traffic Update: आगरा के हरीपर्वत चौराहे पर मेट्रो निर्माण और सीएम ग्रिड के तहत चल रहे काम की वजह से दिल्ली गेट क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है. स्कूल बंद होने के समय स्थिति और भी ज्यादा खराब हो जाती है, जिससे बच्चों और पेरेंट्स को लंबे जाम में फंसना पड़ रहा है. निर्माण कार्य के चलते सड़क की एक लेन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिसकी वजह से पुलिस को रूट डायवर्जन लागू करना पड़ा है. इस डायवर्जन के बाद सड़कों पर गाड़ियों का दबाव अचानक बहुत बढ़ गया है. सबसे बड़ी परेशानी गलत दिशा (रोंग साइड) से आने वाले वाहन चालकों के कारण हो रही है, जिससे हर समय हादसे का डर बना रहता है.

रूट डायवर्जन की वजह से किन रास्तों पर लग रही कतारें?

हरीपर्वत चौराहे पर काम चलने की वजह से मदिया कटरा की तरफ से आने वाले वाहनों को दिल्ली गेट चौकी से बाग फरजाना की तरफ निकाला जा रहा है. इसके लिए प्रशासन ने सड़क पर बैरिकेडिंग लगा दी है. रास्ता छोटा होने और अचानक गाड़ियों की संख्या बढ़ने से मदिया कटरा रोड और बाग फरजाना की तरफ जाने वाले रास्ते पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग रही हैं.

स्कूलों की छुट्टी के समय स्थिति क्यों गंभीर हो जाती है?

दिल्ली गेट और आस-पास के इलाकों में कई बड़े स्कूल मौजूद हैं. दोपहर के समय जब इन स्कूलों की छुट्टी होती है, तो बच्चों को लेने आने वाली गाड़ियां, स्कूल बसें और वैन एक साथ सड़क पर आ जाती हैं. इस पीक ऑवर के दौरान वाहनों का दबाव इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि पुलिसकर्मियों के कड़े प्रयासों के बाद भी ट्रैफिक को संभालना मुश्किल हो रहा है और लोग आधे-आधे घंटे तक फंसे रह रहे हैं.

रोंग साइड चलने वाले वाहन कैसे बढ़ा रहे हैं परेशानी?

प्रशासन ने सुरक्षा और सुचारू ट्रैफिक के लिए जो डायवर्जन प्लान तैयार किया है, उसका कुछ लोग पालन नहीं कर रहे हैं. खासकर दोपहिया वाहन चालक नियमों को ताक पर रखकर बैरिकेडिंग के बीच से गलत दिशा में गाड़ियां निकाल रहे हैं. रोंग साइड से आने वाले इन वाहनों की वजह से सीधा आने वाला ट्रैफिक पूरी तरह ब्लॉक हो जाता है और चौराहे के पास हर समय भ्रम की स्थिति बनी रहती है.

क्या इस लापरवाही से सड़कों पर दुर्घटनाएं भी हो रही हैं?

हां, हरीपर्वत पर मेट्रो पिलर निर्माण के पास दिल्ली गेट से एमडी जैन इंटर कॉलेज की तरफ जाने वाले रास्ते पर सिर्फ एक लेन खुली है. इसी संकरी जगह पर जल्दबाजी के चक्कर में सीधी दिशा और गलत दिशा से आने वाले वाहन आपस में टकरा रहे हैं. सोमवार को भी यहां एक के बाद एक दो बाइक सवार सीधे कार से टकरा गए, जिससे कुछ समय के लिए वहां पूरा ट्रैफिक रुक गया और हंगामा खड़ा हो गया.

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यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी दिनभर मशक्कत करके किसी तरह फंसे हुए वाहनों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं. स्थानीय लोगों की मांग है कि गलत दिशा से आने वाले लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए. जब तक मेट्रो के पिलर का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक इस रूट पर भारी वाहनों के प्रवेश को भी नियंत्रित करने की जरूरत है.

निष्कर्ष:

आगरा के हरीपर्वत और दिल्ली गेट क्षेत्र में मेट्रो निर्माण के चलते लग रहा जाम आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है. प्रशासन को डायवर्जन व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ ही रोंग साइड चलने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई करनी होगी ताकि हादसों को रोका जा सके.