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‘कढ़ी-चावल और 16 रोटियां’…गला दबाकर हत्या, फिर प्रेस से जलाया; पति की लाश छुपाने के लिए कामवाली से बनवाया ज्यादा खाना

Bank manager murder case: उत्तर प्रदेश के आगरा में बैंक मैनेजर की हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। सामने आया है कि पत्नी ने हत्या के बाद किसी को सुराग न लगे, इसलिए ज्यादा खाना बनवाया था। पति की लाश को कमरे में छिपाकर रखा गया था। इस केस में नई-नई बातें सामने आ रही हैं।

Bank manager murder case: उत्तर प्रदेश के आगरा में बैंक मैनेजर की हत्या केस में पत्नी के बारे में रोचक बातें सामने आ रही हैं। पत्नी सचिन उपाध्याय के मर्डर के बाद से फरार है। वही हत्या की मास्टरमाइंड बताई जा रही है। हत्या हुए 12 दिन हो चुके हैं। प्रियंका ने किसी को शक न हो, इसलिए मेड से कढ़ी चावल और 16 रोटियां अधिक बनाने के लिए कहा था। पुलिस का मानना है कि किसी को शक न हो, इसलिए ऐसा किया गया था। हत्या के बाद सचिन की लाश को उसने कमरे में छिपाया था। यह भी पढ़ें-Delhi AQI: दिल्ली की जहरीली हवा में कुछ सुधार, दशहरा पर आतिशबाजी और पटाखों का नहीं दिखा खास असर यही नहीं, आरोपी महिला ने पड़ोसी का मोबाइल लेकर दो बार अपने पिता से बात की थी। उसके पिता बिजेंद्र रावत कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बताए गए हैं। वह शुरू से ही सब लोगों की आंखों में धूल झोंक रही थी। अभी आरोपी महिला की तलाश पुलिस कर रही है। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद भी पुलिस को केस दर्ज करने में 4 दिन लगे थे। सचिन के घरवालों ने पुलिस पर आरोप लगाए हैं। घरवालों ने कहा है कि अगर पुलिस सक्रिय रहती, तो आरोपी महिला नहीं भागती। उसे भागने का समय मिल गया। यह भी पढ़ें-Real Or Fake Apps: फर्जी ऐप से बढ़ रहे धोखाधड़ी के मामले, ऐप असली या नकली-कैसे लगाएं पता? 12 अक्टूबर को पुलिस को सुसाइड की सूचना मिली थी। सचिन के शरीर और गले पर चोट और जलने के निशान मिले थे। जिसके बाद पोस्टमार्टम में हत्या की बात सामने आई। सचिन उपाध्याय ताजगंज स्थित राम रघु एग्जॉटिका कॉलोनी में रहते थे। मामले में 3 लोग पुलिस ने नामजद किए हैं। मैनेजर के पिता की शिकायत पर महिला के पिता, भाई को भी नामजद किया गया है। शुक्रवार को दो आरोपियों को अरेस्ट कर लिया गया था। बिजेंद्र रावत, बेटे कृष्णा रावत को पुलिस जेल भेज चुकी है। प्रियंका अभी फरार है।

17 घंटे तक छिपाया गया शव

पता लगा है कि मर्डर 11 रात को हुआ। पुलिस को 12 अक्टूबर शाम 5 बजे बताया गया। साफ है कि 17 घंटे शव छिपाया गया। घरवालों की मानें, तो आरोपी सीसीटीवी के डर से काबू में आए। नहीं तो बॉडी फेंक दी होती। प्रियंका को पता था कि सीसीटीवी मोहल्ले में कहां-कहां लगे हैं। कई घंटे तक प्लानिंग की गई। जिस कमरे में बॉडी थी, उसे ताला लगाया गया था। मौके पर सबसे पहले प्रियंका का भाई पहुंचा था। हत्या गला घोंटकर की गई। मारने से पहले उसे प्रेस से जलाया गया। पुलिस का कहना है कि प्रियंका के पकड़े जाने पर ही पता लगेगा कि किसने गला दबाया। किसने प्रेस से जलाया। उसकी तलाश की जा रही है।  


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