20 children fell ill after drinking mid-day meal milk: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से बुरी खबर सामने आई है। यहां पर मिड-डे मील का दूध पीने से 20 बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए। इसके तुरंत बाद बच्चों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। इस घटना की सूचना के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, गाजियाबाद स्थित लोनी के प्रेम नगर में प्राथमिक स्कूल में बच्चों को मिड-डे मील में दूध दिया गया था, जिसे पीने के बाद 20 बच्चों की तबीयत खराब हो गई। इसके तुरंत बाद बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
बेकार गुणवत्ता का मिड-डे मील बनवाने की शिकायत पर निकाली रसोइया
बेकार गुणवत्ता का मिड-डे मील बनवाने को लेकर दिल्ली के मुस्तफाबाद की रहने वाली सन्नो ने गाजियाबाद के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर शिकायत की। उन्होंने बताया कि कैसे मिड-डे मील के खाने को लेकर धांधली की जा रही है। अपनी शिकायत पत्र में उन्होंने बताया कि स्कूल द्वारा बेकार गुणवत्ता का मिड-डे मील बनवाया जाता था और प्रधानाचार्य को इसकी शिकायत करने पर उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया, साथ ही उनकी कई महीनों की मजदूरी भी नहीं दी गई।
रसोइया ने स्कूल की बयां की सच्चाई
सन्नो ने गाजियाबाद जिलाधिकारी को लिखे पत्र में कहा कि मैं बतौर सन्नो पिछले पांच साल से रसोइया के तौर पर पाइमरी पाठशाला प्रेम नगर लोनी गाजियाबाद में मिड-डे का बच्चों के लिए खाना बनाती रही। इसके लिए मुझे प्रधानाचार्य द्वारा मासिक 1500 रुपये मिलते थे। मिड-डे मील के लिए रोजाना छह किलो दूध दिया जाता था, जिसमें 10 से 15 लीटर पानी मिलवाया जाता था। रोटी कम और अधिकतर चावल बनवाए जाते थे। इस दौरान खाने में कई बार सूड़ी और कीड़े निकले थे। एक बार चावल और आलू में कीड़े थे। जिससे छात्रों द्वारा उल्टी करने पर शिकायत करने पर प्रधानाचार्य उन्हें धमकाया गया। मेरे सामने पांच साल में कभी फल वितरण नहीं किये। जब छात्रों के माता-पिता द्वारा मुझसे शिकायत की गयी तो हमने प्रधानाचार्य को बता दिया था, कि जितना सामना हमें दिया जाता है। उसी प्रकार हम खाना पकाते हैं। जिस कारण मुझे कार्य से हटा दिया गया और पिछले कई माह की मजदूरी नहीं दी गई। खाने की गुणवत्ता बहुत ही घटिया होती है। जिस कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा होगा। इस संबंध में कई बार प्रधानाचार्य से शिकायत की गई तो मुझे धमकाया गया। अत; आपसे अनुरोध है कि उक्त मामले की जांच कराकर मेरी मजदूरी दिलवाने की कृपा करे।
जांच के लिए दूध का लिया गया सैंपल
बीमार बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, इसमें से 9 बच्चों की हालत में सुधार होने पर उन्हें घर भेज दिया है। बच्चों को भर्ती कराने के लिए गाजियाबाद से लोनी में एंबुलेंस बुलानी पड़ी। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं, जांच के लिए दूध का सैंपल लिया गया है।
संबंधित खबरें
दिल्ली-NCR में छाए रहेंगे बादल, जानें आपके राज्य में कल कैसा रहेगा मौसम
1 hr agoCM धामी ने माउंट मुकुट की सफल चढ़ाई के बाद ICG की टीम का किया स्वागत
5 hrs agoहरिद्वार कुंभ 2027 का लोगो, वेबसाइट और गीत लॉन्च
5 hrs agoUP के 1.21 करोड़ पेंशनरों के लिए बड़ा फैसला, जानें क्या है सरकार की योजना?
10 hrs agoमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदीय नवरात्रि पर मां दुर्गा की पूजा की
1 day agoयूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव से मिले BJP के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप
1 day agoलखनऊ के कांग्रेस ऑफिस में क्यों भिड़े अजय राय और ममता चौधरी के समर्थक?
1 day agoअयोध्या राम मंदिर में रंगमहल बैरियर से VIP एंट्री होगी बंद, नई जगह होगी तय
1 day agoSIR पर कांग्रेस के विरोध को सीएम धामी ने बताया राजनीतिक हताशा
2 days agoयूपी में आज से बंटना शुरू होगा फ्री राशन, जानिए टाइमिंग और जरूरी नियम
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines