Friday, October 7, 2022
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दिल्ली के सरकारी स्कूलों के छात्र शानदार स्टार्ट-अप आइडिया से रखेंगे दुनिया की टॉप कंपनियों की नींव- आतिशी

आज विश्व की टॉप कंपनियों की कमान भारतीयों के हाथ में है। अगर वे इन कंपनियों का नेतृत्व कर सकते हैं तो दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चें भी कर सकते हैं।

नई दिल्ली: आज विश्व की टॉप कंपनियों की कमान भारतीयों के हाथ में है। अगर वे इन कंपनियों का नेतृत्व कर सकते हैं तो दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चें भी कर सकते हैं। वह दिन दूर नहीं जब दिल्ली के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चें अपने शानदार इनोवेटिव आइडिया से दुनिया की टॉप कंपनियों की नींव रखेंगे। दिल्ली विधानसभा एजुकेशन स्टैंडिंग कमिटी की चेयरपर्सन व कालकाजी विधायक आतिशी ने ये बातें मंगलवार को 10वें व्हाइट पेज लीडरशिप कॉन्क्लेव में कहीं।

10वें व्हाइट पेज लीडरशिप कॉन्क्लेव में गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में आतिशी रहीं उपस्थित

व्हाइट पेज इंटरनेशनल और यूके एशियन बिज़नेस काउंसिल के सहयोग से 10वें व्हाइट पेज लीडरशिप कॉन्क्लेव आयोजित किया गया। इसमें विधायक आतिशी गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित रहीं। इस मौके पर विधायक आतिशी ने कहा कि हम अखबारों में अक्सर पढ़ते हैं कि कैसे मुट्ठी भर नौकरियों में भर्ती के लिए लाखों ग्रेजुएट एवं पीएचडी कर हुए युवाओं ने आवेदन किया। अगर हम कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के आकड़ों को देखें तो वर्ष 2014-2022 में करीब 22 करोड़ लोगों ने केंद्र सरकार में नौकरियों के लिए आवदेन किया था। जिसमें से केवल 7.22 लाख लोगों को ही चुना गया।

उन्होंने आगे कहा कि ये आंकड़े वाकई चिंताजनक हैं और यह दिखाते हैं कि हमारा एजुकेशन सिस्टम बच्चों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सिर्फ नौकरी ढूंढना सिखाता है। बेरोजगारी आज देश में सबसे बड़ी समस्या है और इसका सबसे बड़ा कारण है हमारे बच्चों के पास मार्केट के मुताबिक स्किल का ना होना है। हम चाहते हैं कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी 21वीं सदी के कौशल सीखें।

हमने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में एंत्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम शुरू किए

हमारा उद्देश्य बच्चों में उद्यमशीलता मानसिकता विकसित करने के साथ-साथ उनको भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। इसी लक्ष्य के साथ हमने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में एंत्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम व बिज़नेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम शुरू किए ताकि जब बच्चें पढ़ाई पूरी करके बाहर आए तो वे नौकरी पाने के लिए लम्बी कतारों में लगने के बजाय लोगों को नौकरी देने वाले बने। जब हर बच्चा अपने इनोवटिव आइडिया को डेवलप कर दूसरों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगा तो देश से बेरोजगारी की समस्या अपने आप खत्म हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि बिज़नेस ब्लास्टर प्रोग्राम के तहत केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कक्षा 11वीं-12वीं में पढ़ने वाले लगभग 3 लाख छात्रों को अपना मिनी स्टार्ट-अप खोलने के लिए प्रत्येक छात्र को 2000 रुपये की सीड मनी दी। पिछले एक साल में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को दिए 60 करोड़ रुपये सीड मनी से 51,000 से ज्यादा बिज़नेस आइडियाज तैयार किए गए। जिसमें से 126 टीमों को बिज़नेस ब्लास्टर्स एक्सपो एंड समिट के लिए चुना गया। हमारे बिज़नेस स्टार्स को देशभर से आए उद्योगपतियों, जाने-माने एंत्रप्रेन्योरर्स से न केवल मिलने का बल्कि अपने बिज़नेस आइडियाज को डेवलप करने के लिए 15 करोड़ रूपये से ज्यादा तक का इनवेस्टमेंट ऑफर भी मिला।

दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में आयोजित इस समारोह में विधायक आतिशी ने व्यापार के क्षेत्र में विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले चुनिंदा बिजनेस लीडर एवं मेंटर को अवॉर्ड देकर सम्मानित किया। इस लीडरशिप कॉन्क्लेव में 12 एशियाई देशों से आए 200 से ज्यादा बिज़नेस लीडर एवं सीईओ भी मौजूद थे। की पालना करते हुए लोक निर्माण विभाग ने तरस के आधार पर सात उम्मीदवारों को मंगलवार को यहां नियुक्ति पत्र दिए।

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