राजस्थान के बारां जिले के अंता से भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। साथ ही दो हफ्ते के भीतर सरेंडर करने के लिए कहा है। इससे जनप्रतिनिधि कानून के तहत उनकी विधायकी जाना तय माना जाना रहा है, क्योंकि उन्हें एक एसडीएम पर तमंचा तानने और सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने के आरोप में 3 साल की सजा मिली थी। कल यानी कि 6 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी होने तक उनके सरेंडर करने पर रोक लगाई थी और आज 24 घंटे बाद ही इस मामले पर अपना फैसला देते हुए उन्हें दो हफ्ते के भीतर सरेंडर करने को कहा है। इसे देखते हुए अब ये कहा जा रहा है कि ऐसे में जनप्रतिनिधि कानून के तहत उनकी सदस्यता जाना तय है।