Jagdeep Dhankhar Resignation: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने इस समय राजनीतिक गलियारे में खलबली मचा दी है। सोमवार की रात को जब से जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफे की घोषणा की है तब से ही विपक्षी पार्टियों के नेताओं द्वारा उनके इस्तीफे पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई बड़े राजनेताओं ने तो आंशका तक जताई है कि जगदीप धनखड़ के इस्तीफे का कारण खराब स्वास्थ्य नहीं, बल्कि कुछ और है। वहीं, धनखड़ के इस्तीफे पर भाजपा नेता सफाई देने में जुटे हुए हैं। अब राजस्थान के स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इस मामले पर बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कभी भी नहीं किया दबाव में काम
मीडिया से बात करते हुए राजस्थान के मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि जगदीप धनखड़ ने सिर्फ और सिर्फ स्वास्थ्य कारणों की वजह से ही उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया है। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्यसभा के सभापति और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में उनका कार्यकाल गौरवशाली रहा है। उन्होंने आगे कहा कि उपराष्ट्रपति बनने के बाद से ही वे राज्यसभा की कार्यवाही को बहुत कुशलता से संचालित कर रहे थे, जिससे साफ है कि उन्होंने कभी भी किसी दबाव में आकर काम नहीं किया।
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दिल्ली में जगदीप धनखड़ से की थी मुलाकात
विपक्ष के आरोपों पर मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि कोई क्या कहता है, ये पूरी तरह से उसकी सोच पर ही निर्भर करता है। मंत्री खर्रा ने आगे कहा कि कुछ दिन पहले ही जगदीप धनखड़ जयपुर और दिल्ली के एम्स में भर्ती रहे थे। उन्होंने बताया कि वह 17 जुलाई को स्वच्छता का सम्मान लेने दिल्ली गए थे। अगले दिन 18 जुलाई को सुबह 11 बजे उपराष्ट्रपति निवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। उस समय भी वह ठीकठाक बीच नजर आ रहे थे। लेकिन हम में से किसी को अंदाज़ा नहीं था कि वे इतना बड़ा कदम उठा सकते हैं।