NEET Aspirant Suicide Behror : राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। बहरोड़ शहर की इंदिरा कॉलोनी में NEET की तैयारी कर रही 19 वर्षीय छात्रा कामाक्षी ने मंगलवार दोपहर अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि छात्रा अपनी परीक्षा और उसके परिणाम को लेकर काफी समय से मानसिक तनाव से जूझ रही थी। मृतका के माता-पिता दोनों शिक्षक हैं।
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घर में अकेली थी छात्रा, मां ने सबसे पहले देखा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना के समय कामाक्षी घर पर अकेली थी। उसके माता-पिता अपनी ड्यूटी पर गए थे और भाई-बहन स्कूल गए हुए थे। कामाक्षी की मां रीना देवी, जो दहमी के महात्मा गांधी राजकीय स्कूल में हिंदी व्याख्याता हैं, दोपहर करीब 1:30 बजे जब स्कूल से घर लौटीं, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने कमरे में अपनी बेटी को फंदे से लटका पाया। उन्होंने तुरंत अपने निजी स्कूल में विज्ञान शिक्षक तैनात पति जगदीश प्रसाद को घटना की जानकारी दी। परिजन और पड़ोसी तुरंत कामाक्षी को फंदे से उतारकर पास के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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दो साल तक जयपुर में रहकर की थी कड़ी तैयारी
परिजनों ने बताया कि कामाक्षी डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी और इसके लिए उसने दो साल तक जयपुर में रहकर कड़ी तैयारी की थी। उसने 21 जून को परीक्षा दी थी, लेकिन पेपर उसकी उम्मीद के मुताबिक नहीं गया था। इसके बाद से ही वह लगातार तनाव में रहने लगी थी। परिवार ने उसे ढांढस बंधाया था और आगे बीएसटीसी करने की सलाह भी दी थी। पिता के अनुसार, कामाक्षी बीएससी-बीएड इंटीग्रेटेड कोर्स के प्रथम वर्ष में भी पढ़ रही थी, जिसकी परीक्षाएं बीती 11 जुलाई को ही खत्म हुई थीं।
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पुलिस जांच में जुटी, नहीं मिला सुसाइड नोट
घटना की सूचना मिलते ही बहरोड़ थाना पुलिस और एएसआई कृष्ण कुमार अस्पताल पहुंचे। बहरोड़ थाना इंचार्ज रविन्द्र ने बताया कि पिता की रिपोर्ट के आधार पर मर्ग दर्ज कर लिया गया है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मौके से पुलिस को कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
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