ईरान-इजराइल के बीच जारी मिसाइल हमलों और हवाई हमलों की आशंका ने राजस्थान के जयपुर के परिवारों की नींद उड़ा दी है. दरअसल उनके परिवारों के कई लोग ईरान के युद्धग्रस्त इलाकों में फंसे हुए हैं, जिससे उनके परिजनों में गहरा डर और चिंता का माहौल है. लगातार हो रहे हमलों और हवाई हमलों की आशंका के कारण जयपुर में रह रहे उनके परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है. परिवारों का कहना है कि फोन और इंटरनेट सेवाएं बार-बार बाधित हो रही हैं, जिससे संपर्क करना मुश्किल हो गया है. कई लोगों की अपने परिजनों से आखिरी बार दो दिन पहले बात हुई थी, उसके बाद से संपर्क नहीं हो पा रहा है.

रिटायर्ड पासपोर्ट अधिकारी रजी हैदर तकवी का दर्द छलका

सुभाष चौक इलाके के रहने वाले रिटायर्ड पासपोर्ट अधिकारी रजी हैदर तकवी और हबीब जहरा ने बताया कि उनकी बेटी हिना तक़वी, दामाद हसन अब्बास और नवासी मरियम ईरान में फंसे हुए हैं. दामाद कई वर्षों से वहां पढ़ाई कर रहे थे और शादी के बाद बेटी भी उनके साथ चली गई थी. परिवार ने बताया कि दो दिन पहले आखिरी बार फोन पर बात हुई थी, उसके बाद न तो कॉल लग पा रहा है और न ही कोई मैसेज.
इसके अलावा, नवासी मरियम का पासपोर्ट एक्सपायर हो चुका है. परिवार ने कई बार भारतीय दूतावास से संपर्क किया, लेकिन पासपोर्ट नवीनीकरण या नया जारी करने में कोई संतोषजनक मदद नहीं मिली, जिसके कारण वे भारत वापस नहीं लौट पाए. यह स्थिति परिवार को और अधिक परेशान कर रही है.

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भारत सरकार से मदद की गुहार

परिजनों ने भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और ईरान में भारतीय दूतावास से अपील की है कि फंसे हुए भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए तत्काल और ठोस प्रयास किए जाएं. उनका कहना है कि दूतावास की प्रक्रियाओं को सरल और तेज किया जाए. विशेष उड़ानें या सुरक्षित रूट के जरिए निकासी की व्यवस्था हो. राजस्थान खासकर जयपुर और अन्य शहरों से फंसे लोगों को प्राथमिकता दी जाए. पूरे देश में हजारों भारतीय ईरान और खाड़ी देशों में फंसे हैं, लेकिन जयपुर के परिवारों की यह चिंता स्थानीय स्तर पर और गहरा रही है. होली और रमजान के मौके पर भी खुशियां मातम में बदल गई हैं.

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