Govind Singh Dotasra On Bhajan Lal Sharma : राजस्थान की सियासत में सोमवार एक ऐसा आरोप गूंजा, जिसने सरकार को सिर्फ कठघरे में नहीं, बल्कि सीधे निगरानी कैमरे के नीचे ला खड़ा किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का दावा है कि अब मुख्यमंत्री और मंत्री खुद अपने करीबियों से कह रहे हैं कि डायरेक्ट कॉल मत किया करो, मेरा फोन दिल्ली वाले सुनते हैं। यानी जिनके पास सत्ता की ताकत है, उनके पास अब संवाद की आजादी नहीं है। इसे लेकर विपक्ष कह रहा है कि यही इस राज का सबसे बड़ा रहस्य है, जिसका खामियाजा सीधे जनता को भुगतना पड़ रहा है।
विपक्ष अब तक सरकार पर फोन टैपिंग का आरोप लगाता रहा है, लेकिन पहली बार सत्ता के भीतर से जुड़ा आरोप है और विपक्ष इसे सीधे जनता की आवाज से जोड़कर देख रहा है। राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक अब फोन उठाने से पहले यह सोचते हैं कि कहीं कोई और तो नहीं सुन रहा। वो कहते हैं कि एक दौर था, जब मंत्री जनता की आवाज सुनते थे, लेकिन अब वो खुद किसी की सुनने से डर रहे हैं। डर यह नहीं कि कौन बोल रहा है? कौन सुन रहा है? और यही डर अब संवाद को जासूसी में बदल रहा है।
यह भी पढ़ें : 30 मार्च के बजाय अब हिंदू नववर्ष पर मनेगा राजस्थान दिवस, सीएम भजनलाल ने RSS के लिए कही ये बात
गोविंद सिंह डोटासरा ने सीएम भजनलाल पर क्या लगाए आरोप
गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक कहने लगे कि वो फोन नहीं उठाते, क्योंकि दिल्ली सुन रही है तो समझ लीजिए प्रदेश में भय का शासन है। अब लोग खुद कह रहे हैं कि काम के लिए कॉल करने से मना किया जा रहा है। वहीं, बीजेपी नेता और सांसद दामोदर अग्रवाल ने डोटासरा के इस बयान को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने इसे एक बार फिर बिना सिर-पैर का आरोप बताया।
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने किया पलटवार
राजस्थान सरकार के मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि वे अभी क्या बोल रहे हैं यह तो उन्हें ही पता है। हमारी सरकार में तो किसी का फोन टेप नहीं होता है। उनकी सरकार में जरूर हुआ था। कई अधिकारियों ने उसे वक्त के मुख्यमंत्री के खिलाफ ये संगीन आरोप लगाए थे। हम ऐसी कोई बात ही नहीं करते, जिसके चलते हमें हमारे फोन के टेप होने का डर हो।
यह भी पढ़ें : वसुंधरा-गहलोत के निवेश सम्मेलनों का क्या हुआ हश्र? भजनलाल सरकार की कसौटी पर ‘राइजिंग राजस्थान’
अब सवाल ये उठता है कि क्या वाकई राजस्थान की राजनीति अब फोन कॉल पर नहीं, कॉलर आईडी पर चल रही है? क्या मंत्री खुद तय करते हैं कि किससे बात करनी है या दिल्ली तय करती है कि किसकी आवाज कितनी तेज होनी चाहिए? डोटासरा का बयान सियासी तीर है या हकीकत का आईना- यह तय होना बाकी है, लेकिन सवाल अहम है कि विपक्ष के आरोपों के अनुसार अगर सरकार भी बोलने से डरने लगे तो फिर लोकतंत्र किसके लिए है?
संबंधित खबरें
राजस्थान विश्वविद्यालय में गीता पर डिप्लोमा, युवाओं को मिलेगा नया नजरिया
1 day ago10 अक्टूबर को 10 घंटे के लिए नई दिल्ली और निजामुद्दीन की सभी ट्रेनें कैंसल
2 days agoराजस्थान चिकित्सा विभाग में खलबली, 678 डॉक्टरों पर कानूनी कार्रवाई
5 days agoधनतेरस के चलते बदली राजस्थान पंचायत चुनाव की तारीख, जानिए नई तारीखें
5 days agoराजस्थान पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग
8 days agoराजस्थान कांग्रेस में बढ़ा घमासान, विश्वेंद्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी
8 days agoCJP के धरने में दिखा भगोड़ा रामचंद्र नोएडा से गिरफ्तार, ठगे थे 17 लाख
10 days agoभारत के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, दिल्ली-NCR में कल कैसा रहेगा मौसम?
12 days agoसुल्तानपुर नगरपालिका चुनाव विवाद: चेतन पटेल समेत 28 पर FIR
15 days agoसबसे बड़ी पार्टी बन कैसे हारी BJP? राजस्थान की एक नगरपालिका में अजीब नजारा
19 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines