Gangster Anandpal Encounter: गैंगस्टर आनंदपाल एनकाउंटर में जोधपुर कोर्ट का बुधवार को बड़ा फैसला आया है। सीबीआई कोर्ट ने मामले में जांच एजेंसी की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए 5 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। गैंगस्टर की पत्नी ने मामले में पुलिसकर्मियों पर हत्या करने का आरोप लगाया था। जबकि जांच एजेंसी ने इस बात को नकार दिया था।

यह है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार 24 जून साल 2017 को गैंगस्टर आनंदपाल का एनकाउंटर हुआ था। पुलिस की इस कार्रवाई को गैंगस्टर की पत्नी व अन्य परिजनों ने फर्जी करार दिया था। इतना ही नहीं इन आरोपों का हवाला देते हुए परिजनों ने जोधपुर कोर्ट में याचिका दायर की। इस याचिका में एनकाउंटर करने वाले पुलिसर्मियों तत्कालीन चुरु एसपी राहुल बारहट, तत्कालीन एडिशनल एसपी विद्या प्रकाश चौधरी, डीएसपी सूर्यवीर सिंह राठौड़, आरएसी हेड कांस्टेबल कैलाश समेत अन्य के खिलाफ जांच करने और हत्या की धाराओं में मुकदमा चलाने का आग्रह किया था।

पुलिस ने बताई थी एनकाउंटर की ये स्टोरी

कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस ने बताया था कि सूचना मिली थी कि गैंगस्टर सालासर में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम वहां पहुंची। लेकिन इससे पहले की पुलिस आनंदपाल को पकड़ पाती उसने घर की छत से पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस का आरोप था कि गैंगस्टर के साथ उसके कुछ साथी भी मौजूद थे। पुलिस का कहना था कि जबाबी कार्रवाई में पुलिस टीम ने भी फायरिंग की, जिसमें आनंदपाल को 6 गोलियां लगीं थीं और उसने दमतोड़ दिया।

8 करोड़ हुए थे एनकाउंटर पर खर्च

बता दें मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एनकाउंटर पर पुलिस टीम ने 8 करोड़ रुपए से अधिक खर्च आने की बात कही थी। उधर, परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने ये झूठी कहानी बनाई है। परिजनों का आरोप था कि आनंदपाल के शरीर पर चोट के कई निशान थे। पुलिस ने उसका एनकाउंटर नहीं किया, ये पुलिस टीम की सोची-समझी साजिश थी।