जयपुर के पुराने शहर में एक बार फिर आस्था को चोट पहुंचाने वाला मामला सामने आया है. परकोटे इलाके के गंगापोल इलाके के बेलदारों के मोहल्ले में सौ साल पुराने शीतला माता मंदिर को तोड़े जाने का आरोप है. स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है. मामले की शिकायत पर हवा महल के विधायक बालमुकुंदाचार्य खुद मौके पर पहुंचे और पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.
कहा जाता है कि जयपुर के पुराने शहर की पहचान सिर्फ हवामहल या गोविंददेव मंदिर से नहीं, बल्कि उन सैकड़ों छोटे मंदिरों से भी है जो हर गली, हर मोहल्ले में बसी आस्था का हिस्सा हैं. इन्हीं में से एक था शीतला माता का मंदिर, जो अब सिर्फ यादों में रह गया है.
सौ साल पुराने मंदिर को तोड़ा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर करीब सौ साल पुराना था —जहां पीढ़ियों से पूजा-अर्चना होती थी, जहां हर वर्ष शीतला अष्टमी पर महिलाएं चूल्हा ठंडा कर माता की कथा करती थीं, वह जगह अब मलबे में बदल गई. विधायक ने आरोप लगाया कि दूसरे समुदाय के लोगों को यह जमीन बेच दी गई है और उसने ही शीतला माता के इस प्राचीन मंदिर पर बुलडोजर चला कर प्रतिमाओं को तोड़ दिया.
वहीं, हवा महल से विधायक बाल मुकुंदाचार्य ने कहा, आप खुद ही देख लीजिए इस तरह से यहां पर बने प्राचीन सीता माता के मंदिर पर बुलडोजर चला दिया गया है. इन लोगों ने यह जमीन मुस्लिम समाज के एक व्यक्ति को बेच दी थी. जमीन बेचना उनका अधिकार हो सकता है लेकिन उनके जमीन के पास बने प्राचीन मंदिर को तोड़ना कैसे जायज है. यह सिर्फ एक मंदिर नहीं, एक संस्कृति की पहचान है. परकोटे के अंदर लगातार धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है. यह असहनीय है. प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी ही होगी.
बेलदारों के मोहल्ले में पहुंचे विधायक बालमुकुंदाचार्य
शिकायत मिलते ही हवा महल के विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज गंगापोल के बेलदारों के मोहल्ले पहुंचे. उन्होंने स्थानीय नागरिकों से बातचीत की और मंदिर के इतिहास की जानकारी ली. मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले बिना किसी पूर्व सूचना के मंदिर को हटा दिया गया और मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया. स्थानीय लोगों ने भी इस बात की पुष्टि की की सालों पहले यहां पर प्राचीन शीतला माता का मंदिर था जिसे करीब मनोज 3 दिन पहले तोड़ दिया गया.
इसके बाद विधायक बाल मुकद्दर आचार्य इसी इलाके की कई और तंग गलियों में भी गए. वहां प्राचीन मंदिरों को हटाकर अब दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा मकान बना लिए जाने को भी बताया और कहा कि कांग्रेस राज में यह सब हुआ है. भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने तो स्थानी लोगों से बात करते हुए यहां तक भी दावा किया कि यहां पर एक शिवजी का मंदिर ऐसा भी था जहां भी बचपन से सालों तक स्थानीय लोगों के साथ मिलकर भजन संध्या किया करते थे लेकिन अब वहां न तो मंदिर है न हीं पुराने लोग और मंदिर वाली जमीन पर अब मुस्लिम समाज के लोगों ने मकान बना लिए हैं.
बहरहाल, विधायक ने इस मामले में सुभाष चौक थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी है. उन्होंने कहा कि परकोटे क्षेत्र में हिंदू समाज के पलायन के बाद अब धार्मिक स्थलों पर अतिक्रमण और तोड़फोड़ की घटनाएं बढ़ रही हैं. विधायक ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया जाए. जयपुर की पुरानी गलियां सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि इतिहास और आस्था की परतें समेटे हुए हैं. अगर ये परतें टूटती रहीं, तो जयपुर का सांस्कृतिक चेहरा भी बदल जाएगा. फिलहाल, शीतला माता मंदिर की जगह पर सन्नाटा है — लेकिन लोगों की आवाज कह रही है कि आस्था को मिटाया नहीं जा सकता.
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