Bharatpur News: सचिन पायलट के घर के बाहर बैठी वीरांगनाओं को जबरन घर पहुंचाने से शुरु हुआ विवाद अब गहराता जा रहा है। भरतपुर से बीजेपी सांसद रंजीता कोली जब हाॅस्पिटल में भर्ती वीरांगना से मिलने पहुंची तो उनका भी पुलिस से विवाद हो गया। सांसद ने आरोप लगाया कि पुलिसवालों ने उसके साथ धक्का-मुक्की की, जिससे वह गिर कर बेहोश हो गईं। वहीं, देर रात वीरांगना को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

पुलिस ने की धक्का मुक्की

मामला जिले के नगर थाना इलाके का है, यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती वीरांगना से मिलने शुक्रवार शाम को सांसद रंजीता कोली पहुंची थीं। इस दौरान हाॅस्पिटल में जमकर हंगामा हुआ। सांसद ने एसपी को बताया कि वह वीरांगना से मिलने पहुंची थीं लेकिन वहां मौजूद पुलिस ने उसके साथ धक्का-मुक्की की। इससे उसके हाथ और कमर में चोट आ गई।

सांसद बोलीं- वीरांगना को जबरन हाॅस्पिटल में कैद किया

रंजीता कोली ने कहा कि मैं वीरांगना से मिलकर आई हूं उन्हें पुलिस ने जबरन हाॅस्पिटल में भर्ती कर रखा है। वीरांगना ने मुझे बताया कि मेरी तबीयत खराब नहीं है। वीरांगना ने कहा कि मैं अपने बच्चों से मिलना चाहती हूं, इसी दौरान जब वह उन्हें उसकी बच्ची से मिलाने ले जा रही थी उस दौरान पुलिसवालों ने मुझ पर हमला कर दिया। सांसद ने कहा कि पुलिस ने जबरन वीरांगना को हाॅस्पिटल में कैद कर रखा। यह सरासर गलत है। मेरे साथ बदसलूकी की। उन्होंने कहा कि इस तरह महिला का हाथ नहीं पकड़ सकते।