राजस्थान के बालोतरा में लूणी नदी में बोलेरो बह गई। इस हादसे में मां और दो बेटियों की मौत हो गई। इसमें तीन लोग अभी भी लापता है। इस हादसे के बाद जेसीबी और क्रेन की मदद से बोलेरो को बाहर निकाला गया। यह हादसा आज दोपहर को चतुर्थ रेलवे फाटक के पास जसोल बाइपास पर हुआ। इस हादसे में 8 माह के बेटे समेत 3 लोग अभी भी लापता है। 2 का राजकीय नाहटा अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पुलिस ने दी हादसे से जुड़ी जानकारी

पुलिस ने बताया कि जोधपुर के शेरगढ़ के नृसिंहपुरा जाटों का वास निवासी पेमाराम (40) पुत्र सुरताराम अपने परिवार के साथ जसोल मंदिर में दर्शन के लिए निकले थे। गाड़ी में उसके साथ पत्नी मीरा देवी (32), बेटी उर्मिला (7), पूजा (3) और 8 माह का बेटा, मां कबू देवी (60), एक अन्य व्यक्ति राणीदान सिंह (70) और बोलेरो ड्राइवर देवाराम (55) थे।

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कैसे हुआ हादसा?

शेरगढ़ से जसोल के लिए जा रही बोलेरो बाइपास पर बनी रपट के ऊपर से निकली। गाड़ी में करीब 8 लोग सवार थे। हमारे सामने ही गाड़ी पानी में बह गई। मौके पर प्रशासन पहुंचा। क्रेन और जेसीबी की मदद से करीब डेढ़ घंटे बाद सिविल डिफेंस और स्थानीय तैराकों ने गाड़ी को बाहर निकलवाया गया।

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ड्रोन की ली जा रही मदद

इस हादसे में लापता लोगों की ड्रोन की मदद से तलाशी हो रही है। सूचना पर बालोतरा कलेक्टर सुशील कुमार, एसपी रमेश, बालोतरा डीएसपी सुशील मान और एसडीएम अशोक कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे।

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इसके अलावा कलेक्टर सुशील कुमार ने बताया कि आज लापरवाही की वजह से गाड़ी लूणी नदी में बह गई थी। गाड़ी में 8 लोग थे। बाकी लोगों की तलाश के लिए सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ को बुला लिया गया है। मौके पर पुलिस- प्रशासन मौजूद है। वहीं, लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

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