Amritsar-Jamnagar Green Field Expressway: राजस्थान के लोगों को जल्द ही एक बड़ी सौगात मिलने वाली है। पंजाब से गुजरात तक बने ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 जुलाई को लोकार्पण करेंगे। भारत माला परियोजना के तहत बने इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा हिस्सा राजस्थान से होकर गुजर रहा है। लिहाजा यहां के लोगों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा।

एक्सप्रेसवे का 45 फीसदी हिस्सा राजस्थान में

जानकारी के मुताबिक इकोनोमिक कॉरिडोर के तहत बने इस अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे का 45 फीसदी हिस्सा राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ बीकानेर, जोधपुर और बाड़मेर जिले से होकर गुजरेगा। जानकारों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद इस क्षेत्र की आर्थिक सूरत पूरी तरह से बदल जाएगी।

आधे से भी कम लगेगा समय

गुजरात के कांडला पोर्ट तक माल लाने और ले जाने वाले वाहनों को अब काफी कम समय लगेगा। बताया गया है कि पंजाब से गुजरात तक के सफर में पूर्व में लगने वाला समय अब आधे से भी कम रह जाएगा। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी हाल ही में राजस्थान की सड़क परियोजनाओं का मुआयना किया था।

ये दो खूबिया सबसे बड़ी

  • इस हाईवे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वाहन 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ेंगे।
  • मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो भविष्य में इस 6 लेन हाईवे पर 10 लेन भी किया जा सकता है।

एक्सप्रेसवे से मिलेंगी ये सुविधाएं

  • एक्सप्रेसवे पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम होगा
  • एक्सप्रेसवे पर इलैक्ट्रॉनिक्स टोल प्लाजा होंगे। मतलब आप जितनी दूरी तय करेंगे, उतना ही टोल कटेगा।
  • ये एक्सप्रेसवे बठिंडा, बाड़मेर और जामनगर की 3 बड़ी तेल रिफाइनरीज को आपस में जोड़ेगा।
  • इस एक्सप्रेसवे के रास्ते में गुरुनानक थर्मल प्लांट बठिंडा और थर्मल पॉवर प्लांट सूरतगढ़ भी पड़ेगा।
  • इस पूरे एक्सप्रेसवे की कुल लागत 22,500 करोड़ रुपए है
  • राजस्थान के हिस्से में पड़ने वाले एक्सप्रेसवे की लागत 14,707 करोड़ रुपए है
  • अमृतसर से जामनगर तक कुल 1,224 किलोमीटर की दूरी है

विकास का मुद्दा बना सकती है भाजपा

1224 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का राजस्थान में 537 किमी का हिस्सा है, जो बनकर तैयार हो चुका है। इस एक्सप्रेसवे के दोनों ओर फेंसिंग के जरिए दीवार बनाई गई है। जानकारों का कहना है कि राजस्थान प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा इसे विकास का मुद्दा भी बना सकती है।

ये सब भी जानें

  • अभी अमृतसर से जामनगर जाने के लिए करीब 23 घंटे का समय लगता है। केंद्र सरकार का दावा है कि अब मात्र 12 घंटे का ही समय लगेगा।
  • इस एक्सप्रेसवे से अमृतसर, बीकानेर, कच्छ और जामनगर को सबसे ज्यादा फायदा होगा। क्योंकि यहां काफी संख्या में औद्योगिक इकाइयां हैं।
  • राजस्थान से 5 राज्य सीधे तौर पर जुड़ेंगे, यानी अब सीधा मार्ग मिलेगा। हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश गुजरात के जामनगर और कांडला से जुड़ेंगे।
  • ये एक्सप्रेसवे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के 15 जिलों से होकर गुजरेगा।
  • 1 कॉरिडोर से 7 पोर्ट, 8 बड़े एयरपोर्ट, डिफेंस एयर स्ट्रिप भी जुड़ेंगे। इससे आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।
  • अमृतसर, बीकानेर, जोधपुर, बाडमेर और कच्छ में टूरिज्म को हाई स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी।

और पढ़िए – देश से जुड़ी अन्य बड़ी ख़बरें यहाँ पढ़ें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
होम पेज पर वापस जाएँ