राजस्थान के अलवर जिले में एक नई नवेली बहू ने अपनी ही सास को रास्ते से हटाने के लिए उनकी खिचड़ी में फिनाइल मिला दिया. विक्रमजीत नाम के एक युवक के साथ शादी के नाम पर न केवल लाखों की ठगी हुई, बल्कि उसकी बीमार मां को जान से मारने की कोशिश भी की गई. यह पूरी कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी है, जिसमें 'लुटेरी दुल्हन' और उसके गिरोह ने मिलकर एक मासूम परिवार को अपना शिकार बनाया. विक्रमजीत की पहचान पिंकी कौर नाम की महिला के जरिए हुई थी, जिसने अपनी भांजी रेखा कौर का रिश्ता उसके सामने रखा.
पिंकी ने दावा किया था कि रेखा तलाकशुदा है, जबकि सच यह था कि रेखा का न तो तलाक हुआ था और न ही उसने अपने दो बच्चों के बारे में बताया था. विक्रमजीत को झांसे में लेकर कोर्ट में लिव-इन एग्रीमेंट कराया गया और गुरुद्वारे में शादी रचाई गई, जिसमें करीब 5 लाख रुपये खर्च हुए.

शादी के एक महीने बाद ही रेखा ने दिखाया रंग

शादी के एक महीने बाद ही रेखा ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया. एक दिन उसने साजिश के तहत विक्रमजीत की बीमार मां की खिचड़ी में फिनाइल मिला दिया. मां की हालत बिगड़ते ही पूरा परिवार उन्हें लेकर अस्पताल भागा. घर खाली पाकर रेखा ने अलमारी से सोने का नेकलेस, मंगलसूत्र, अंगूठियां, चांदी के जेवर और 30 हजार रुपये नकद समेटे और फरार हो गई. जब विक्रमजीत ने इस धोखाधड़ी की पड़ताल की, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. उसे पता चला कि रेखा पहले से शादीशुदा है. जब उसने बिचौलिए पिंकी कौर से जवाब मांगा, तो उसने बेशर्मी से कहा, "यह हमारा धंधा है, तुम हमारा कुछ नहीं कर सकते.

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कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मामला

अब यह गिरोह विक्रमजीत को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 3 लाख रुपये की और मांग कर रहा है. पीड़ित विक्रमजीत का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में उसकी कोई सुनवाई नहीं की. थक-हारकर उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. अब कोर्ट के आदेश पर अरावली विहार थाने में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अब इस संगठित गिरोह की तलाश कर रही है, जो पहले भी कई लोगों को इसी तरह अपना शिकार बना चुका है.

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