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राजस्थान में 3000 साल पुराने सिक्के मिले, सिंधु घाटी सभ्यता और भगवान बुद्ध से हो सकता कनेक्शन!

3000 Year Old Ancient Coins: राजस्थान में चल रही पुरातत्व विभाग की कार्रवाई में 3000 साल पुराने सिक्के मिले हैं, जिनका कनेक्शन महात्मा बुद्ध के काल से माना जा रहा है। इन सिक्कों पर सम्मेलन में एक रिसर्च पेपर पेश किया गया है।

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खुदाई में मिले सिक्कों पर 5 चिह्न अंकित हैं।

3000 Year Old Coins Found in Rajasthan: राजस्थान के उदयपुर शहर में चल रही खुदाई में करीब 3000 साल पुराने सिक्के मिले हैं। यह सिक्के 600-1000 ईसा पूर्व के पंच-चिह्नित सिक्के बताए जा रहे हैं, जो सिंधु घाटी सभ्यता के पतन और भगवान बुद्ध के समय के काल का प्रतीक हैं। अहार, कालीबंगा और विराटनगर जैसी साइटों पर खुदाई चल रही है।

यह सिक्के सिंधु घाटी सभ्यता के पतन के बाद की अवधि, लगभग 1900 ईसा पूर्व से लगभग 600 ईसा पूर्व तक के बीच वाले अंधकार युग में बने थे। राजस्थान पुरातत्व और संग्रहालय विज्ञान विभाग के सेवानिवृत्त मुद्राशास्त्री जफर उल्लाह खान ने इन सिक्कों पर 5 दिसंबर 2024 को मेरठ में राष्ट्रीय मुद्राशास्त्र सम्मेलन में शोध पत्र पेश किया था। जिसमें इन सिक्कों की कहानी और सिक्कों को दिखाकर उनका विस्तृत वर्णन किया गया।

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टोंक और सीकर में भी मिल चुके हैं प्राचीन सिक्के

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कालीबंगा (हनुमानगढ़), विराटनगर (जयपुर) और जानकीपुरा (टोंक) में खुदाई चल रही है। यहां मिले सिक्के पेशावर से कन्याकुमारी तक पूरे भारत में खुदाई में मिले सिक्कों जैसे हैं। उन्होंने अपने वर्किंग पीरियड में 2000 से अधिक सिक्कों का अध्ययन किया। वहीं राजस्थान में मिले सिक्कों पर सूर्य, षडचक्र और पर्वत/मेरु के प्रतीक हैं।

चांदी और तांबे से बने सिक्कों का वजन 3.3 ग्राम था। टोंक में साल 1935 में भी 3,300 सिक्के मिले थे। सीकर में साल 1998 में 2400 सिक्के मिले थे। महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पेशावर में भी सिकक्के मिले थे। चीनी यात्रियों फा-हिएन (399-414 सीई), सुनयान (518 सीई) और ह्वेन-त्सांग (629 सीई) ने इन सिक्कों को कागजों में रिकॉर्ड किया था। खुदाई में वह कागज भी मिले हैं, जो इन सिक्कों के हजारों साल पुराने होने की ओर इशारा करते हैं।

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राजस्थान में करीब सवा 2 लाख सिक्कों का संग्रह

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सिक्कों पर गहराई से रिसर्च करने विभाग के रिटारयर्ड डायरेक्टर एके जगधारी कहते हैं कि सिक्कों और उनके साथ मिले कागजी साक्ष्यों देखें तो इस तो इनकार नहीं किया जा सकता कि प्राचीन काल में व्यापार इन सिक्कों के जरिए होता था और व्यापार में राजस्थान की अहम भूमिका होती थी।

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जहां यह सिक्के मिले हैं, वहां सर्वे की जरूरत है। जिस दौर के सिक्के हैं, उस दौर की कुछ जगहें पाकिस्तान में हैं, लेकिन वहां खुदाई करना संभव नहीं है। विभाग के संग्रह में 2.21 लाख से अधिक प्राचीन सिक्के हैं, जिनमें 7180 पंच-चिह्नित सिक्के हैं। राजस्थान ट्रेजर ट्रोव नियम 1961 के प्रावधानों के अनुसार इन सिक्कों को संकलित किया गया है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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