जयपुर: राजस्थान के बिजली कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। बिजली कर्मियों ने राजधानी के विद्युत भवन का घेराव कर अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अर्द्धनग्न प्रदर्शन किया। उन्होंने सीएम को मांगें पूरी करने का वादा याद दिलाते हुए ये प्रदर्शन किया है। उन्होंने सरकार के सामने पुरानी पेंशन योजना सहित दस मांगों को पूरा करने की बात रखी है। यह प्रदर्शन विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन के बैनर तले किया गया।
आंदोलन में शामिल कर्मचारियों के अनुसार मुख्यमंत्री गहलोत ने मांगों को पूरा करने का वादा किया था। उन्होंने बताया कि सीएम अशोक गहलोत ने ओल्ड पेंशन स्कीम को फिर से बहाल कर दिया है, ये सभी सरकारी विभागों में लागू किया गया है तो फिर विद्युत विभाग में ये नियम लागू क्यों नहीं किया गया है। इसे सरकार का दोहरा रवैया बताते हुए नाराजगी जताई है।
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राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन प्रदेश उपाध्यक्ष सतवीर यादव ने कहा कि गहलोत सरकार ने अन्य विभागों में पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी है, लेकिन बिजली कंपनियों में अभी तक इसको लागू नही किया गया है। ऐसे में राज्य सरकार के दोहरे रैवेये से बिजली निगम के अधिकारी और कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
बता दें इस वक्त राजस्थान में जयपुर ,जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम बने हुए हैं। एक बार कर्मचारी की जिस डिस्कॉम में नौकरी लग जाती है, वह उसी डिस्कॉम में ही ट्रांसफर ले सकता है ,जबकि यह लोग चाहते हैं कि तीनों डिस्कॉम में से कहीं भी ट्रांसफर का आवेदन करने की अनुमति मिलनी चाहिए। विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया तो यह बड़ा आंदोलन करके शट डाउन कर सकते है।
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