जयपुर: नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (NCRB) का डेटा आने के बाद राजस्थान के CM अशोक गहलोत ने बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि दुष्कर्म करने कोई विदेशी नहीं आता, बल्कि दुष्कर्म करने वाले अधिकांश लोग पीड़िता के रिश्तेदार या उसके परिवार के कोई जानकारी ही होते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में दर्ज होने वाले दुष्कर्म के आधे से ज्यादा मामले झूठे होते हैं और अब झूठे दुष्कर्म के मामले दर्ज करने वाले लोगों के खिलाफ भी राजस्थान पुलिस कार्रवाई कर रही है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि, 'राजस्थान पुलिस अच्छा काम कर रही है। अन्य राज्यों की तुलना में यहां अपराध बहुत कम है। पहले लोगों को थानों से वापस किया जाता था, प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती थी, बदनामी के डर से लोग पुलिस थानों में प्रवेश नहीं करते थे। हमने उस स्थिति में सुधार किया है। हमारा विपक्ष अफवाह फैलाता है कि बलात्कार हो रहे हैं और अपराध बढ़ गए हैं। उन्हें एनसीआरबी रिपोर्ट का एक पैराग्राफ पढ़ने को कहें। यह कहता है कि हर राज्य की अलग-अलग स्थितियां और दृष्टिकोण हैं। यहाँ अपराध नियंत्रण में है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) से जारी आंकड़ों के मुताबिक रेप केस के मामलों में राजस्थान वर्ष 2020 से ही शीर्ष पर है। NCRB की वर्ष 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान में पिछले साल पूरे देश में सबसे अधिक 6337 रेप के मामले दर्ज हुए। दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेश है, जहां सालभर में दुष्कर्म के 2947 केस दर्ज हुए। महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में राजस्थान यूपी के बाद दूसरे नंबर पर है।
बता दें कि सीएम अशोक गहलोत शुक्रवार को जयपुर में राजस्थान पुलिस एकेडमी में दीक्षांत परेड में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जालोर के सुराणा में शिक्षक की कथित पिटाई के बाद हुई दलित बच्चे की मौत की जांच सीबीआई को देने के भी संकेत दिए। उन्होंने कहा- जालोर की घटना को लेकर लोग गलत बातें फैला रहे हैं, अब भी लोग परिवार से मिलने आ रहे हैं, आप कहें तो केस की जांच सीबीआई को दे देते हैं। हमारा क्या लगता है, लेकिन बिना किसी मतलब के राजस्थान को बदनाम करने का हक किसी को नहीं है।