पंजाब के कृषि समुदाय के लिए धान की फसल का समय बहुत ही महत्वपूर्ण है. पंजाब की कृषि को देश की खाद्य सुरक्षा की मुख्य आधार माना जाता है, और इस बार मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने किसानों की सबसे बड़ी समस्या ‘बिजली’ के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि इस फसल के मौसम में किसानों को धान की रोपाई के लिए प्रतिदिन कम से कम 8 घंटे बिना किसी रुकावट के बिजली दी जाएगी.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार पीएसपीसीएल राज्य में कृषि हेतु जारी प्रत्येक मोटर कनेक्शन को प्रतिदिन 8 घंटे से अधिक बिजली उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करेगा, ताकि किसान बिना किसी परेशानी के धान की रोपाई सुचारू रूप से कर सकें. यह स्पष्ट संदेश है कि कृषि क्षेत्र उनकी प्राथमिकता है और किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार किसी भी तरह की कमी नहीं होने देगी. यह नया शेड्यूल तीन चरणों में लागू किया जाएगा.
पंजाब राज्य पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने समूचे राज्य में बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए जिलों को तीन अलग-अलग तिथियों में विभाजित किया है, ताकि ग्रिड पर अचानक लोड न पड़े:
तीन चरणों में लागू किया जाएगा.
- 1 जून से: गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली), फतेहगढ़ साहिब और होशियारपुर.
- 5 जून से: फरीदकोट, बठिंडा, फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का.
- 9 जून से: लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, पटियाला, संगरूर, बरनाला, कपूरथला, जालंधर और एसबीएस नगर (नवांशहर) .
सरकार की बैकएंड तैयारी: केवल वादा नहीं, एक ठोस योजना
धान के सीजन में आमतौर पर ट्रांसफार्मर के फुंकने या लाइनों में खराबी की कई शिकायतें आती हैं. फील्ड अधिकारियों को 24 घंटे उपलब्ध रहने तथा किसी भी प्रकार की खराबी, ट्रांसफार्मर संबंधी समस्याओं और अन्य तकनीकी दोषों का प्राथमिकता के आधार पर तुरंत समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं. इस बार मान सरकार ने इसे रोकने के लिए पहले से ही ठोस कदम उठाए हैं:
24 घंटे बिजली की निगरानी व्यवस्था
राज्यभर में बिजली विभाग की विशेष टीमें लगातार नजर रखे रहेंगी. ट्रांसमिशन लाइनों और ट्रांसफार्मरों की देखभाल पूरी कर ली गई है. शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक मजबूत कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है.
यह निर्णय क्यों महत्वपूर्ण है?
पंजाब की अर्थव्यवस्था में धान की खेती की केंद्रीय भूमिका है. नियमित बिजली आपूर्ति से किसानों का खर्च घटेगा और धान की रोपाई समयबद्ध तरीके से संपन्न होगी. सरकार की यह पहल दर्शाती है कि इस बार धान सीजन को सुचारू रूप से चलाने और किसी भी संभावित संकट से बचने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं.
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