पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो चुकी हैं और आम आदमी पार्टी की सरकार पिछले चार साल के अपने कामकाज का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रख रही है. मार्च 2022 में सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार अब “वादे बनाम वास्तविकता” के आधार पर अपना लेखा-जोखा जनता के बीच ले जा रही है. सरकार का दावा है कि चार सालों में उसने शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे प्रमुख क्षेत्रों में ठोस सुधार किए हैं, जो आम आदमी के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं.
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शिक्षा में क्रांति
आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आते ही सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए ‘शिक्षा क्रांति’ का वादा किया था. इस दिशा में सरकार ने शिक्षा विभाग का बजट 12,657 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 19,279 करोड़ रुपये कर दिया, जो 52 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है. साथ ही सरकारी स्कूलों में हजारों नई शिक्षक भर्तियां की गईं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया.
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स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
सरकार ने आम आदमी क्लिनिकों की स्थापना कर स्वास्थ्य सेवाओं को आम जनता तक पहुंचाने का काम किया. इन क्लिनिकों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज करा रहे हैं. इसके अलावा मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया गया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन क्लिनिकों में मरीजों की संतुष्टि दर 96 प्रतिशत पहुंच गई है.
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बिजली क्षेत्र में राहत
बिजली को लेकर किए गए वादों को पूरा करते हुए सरकार ने कई घरेलू उपभोक्ताओं को शून्य बिजली बिल देने की व्यवस्था की. किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और नहरों से सिंचाई का क्षेत्रफल 78 प्रतिशत तक पहुंच गया है. इसके साथ ही बिजली दरों में भी राहत दी गई है, जिससे आम परिवारों और किसानों पर बोझ कम हुआ है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार अब पूरे पंजाब में 16,000 जन सभाओं का आयोजन कर रही है, जिसमें इन उपलब्धियों को जनता के सामने रखा जा रहा है. चार साल के इस रिपोर्ट कार्ड के जरिए आप सरकार 2027 के चुनाव में जनता से फिर से समर्थन मांगने की तैयारी कर रही है. पार्टी का मानना है कि किए गए काम और दिए गए वादों के बीच का फासला काफी कम है, जो पंजाब के विकास की नई कहानी लिख रहा है.
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