पंजाब में आज शुक्रवार को बंद का ऐलान है. बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा ने आज सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक ये बंद बुलाया है, जिसका असर बाज़ार, बिजनेस, स्कूल-कॉलेज और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर पड़ सकता है. ऐसे में ज़रूरी है कि आप घर से निकलने से पहले ये जान लें कि आपके इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था क्या है. साथ ही ये जानकारी भी बेहद अहम है कि आज पंजाब में क्या खुला रहेगा और क्या बंद. चलिए इस बारे में हम विस्तार से चर्चा करते हैं.

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क्या खुला, क्या बंद?

पंजाब में आज बंद के दौरान बाजार, दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और प्राइवेट ऑफिस बंद करेंगे. कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्यों ने सभी से ये अपील की है कि वो बंद का समर्थन करें. हालांकि, बंद के दौरान इमरजेंसी और ज़रूरी सेवाएं नॉर्मल रूप से चलेंगी, जैसे- एम्बुलेंस, हॉस्पिटल, मेडिकल सर्विस, रोजमर्रा के सामान और दवा की दुकानें, आर्मी, पुलिस, फायर ब्रिगेड और बाकी सरकारी इमरजेंसी सेवाएं. हालांकि इस दौरान पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर असर पड़ सकता है, जिसमें सड़क और रेल यातायात दोनों शामिल हैं. पंजाब बंद के दौरान जगह-जगह पर विरोध प्रदर्शन भी होने के आसार हैं, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में घर से निकलने से पहले वैकल्पिक रास्तों की जानकारी होना बेहद ज़रूरी है.

कौन से रूट्स का करें इस्तेमाल

कहा जा रहा है कि पंजाब बंद का सबसे ज्यादा असर अमृतसर में गोल्डन गेट और मेन जीटी रोड पर दिखेगा. इसलिए शहर में एंट्री करने या बाहर निकलने के लिए बेरका या माहल बाईपास का रूट लेना ज्यादा बेहतर रहेगा. वहीं हॉल बाजार, हाथी गेट और आसपास के मेन मार्केट्स पर भी बंद का असर दिख सकता है. अगर किसी को इन इलाकों से गुजरना है तो वो आउटर रुट और नहर किनारे के संपर्क मार्गों का इस्तेमाल करें. पंजाब पुलिस ने जनता से अपील की है कि वो घर से निकलने से पहले ट्रैफिक का हाल ज़रूर चेक कर लें और बेवजह की यात्रा से बचें.

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क्या है मामला?

कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से सिख कैदियों की रिहाई की मांग कर रहा है. मोर्चे का कहना है कि कई कैदी अपनी सजा पूरी करने के बाद भी जेलों में बंद हैं. इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनका कनेक्शन 1990 के दशक में पंजाब में हुई उग्रवादी गतिविधियों से रहा है. मोर्चा जगतार सिंह हवारा के अलावा बलवंत सिंह राजोआना और देविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई की भी मांग कर रहा है. राजोआना को 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था. वहीं, देविंदरपाल सिंह भुल्लर 1993 के दिल्ली बम धमाके के मामले में सजा काट रहा है.

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