खालिस्तानी, इंदिरा गांधी के हत्यारे का बेटा जीता...क्‍या पंजाब के नतीजे डराने वाले?

Khalistani Amritpal Singh, Sarabjit Singh Khalsa: पंजाब में एक खालिस्तानी अमृतपाल सिंह और इंदिरा गांधी के हत्यारे का बेटा सरबजीत सिंह खालसा लोकसभा चुनाव जीता है। इन दोनों के सांसद बनने से पंजाब के सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गरम है।

Sarabjit Singh Khalsa, Amritpal Singh

Sarabjit Singh Khalsa, Amritpal Singh

Punjab Lok Sabha Election Result 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में सबसे चौंकाने और डराने वाले नतीजे पंजाब के रहे। पंजाब की 13 लोकसभा सीटों में से 2 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने, एक शिअद उम्मीदवार ने, 3 आम आदमी पार्टी ने और 7 सीटें कांग्रेस ने जीतीं, लेकिन जिन निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनाव जीता, उन्होंने पूरे देश को चौंका दिया।

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इन्हें देखकर पंजाब लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे डराने वाले लग रहे हैं। सियासी गलियारों में चर्चा है कि दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों अगर पंजाब का प्रतिनिधित्व करेंगे, पावर में आएंगे तो पंजाब में दहशत का दौर फिर से लौट सकता है। जानना चाहेंगे कौन हैं वो उम्मीदवार और क्यों उनकी चर्चा हो रही, जानिए…

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खालिस्तानी अमृतपाल सिंह निर्दलीय चुनाव जीता

खडूर साहिब लोकसभा सीट से खालिस्तानी अमृतपाल सिंह ने लोकसभा चुनाव जीता। उसे 404430 वोट मिले और उसने कांग्रेस के कुलबीर सिंह जीरा को 197120 वोटों से हराया। कुलबीर को 207310 वोट मिले। अमृतपाल सिंह इस समय असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है, क्योंकि उसके खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज हैं, लेकिन चर्चा है कि अमृतपाल जब डिब्रूगढ़ जेल गया था, जब पंजाब में अंदरखाते इसका विरोध हुआ था।

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इस बीच अचानक अमृतपाल ने लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। उसने जेल से ही चुनाव नामांकन भरा और चुनाव प्रचार भी नहीं किया। फिर भी अब वह करीब 4 लाख वोट लेकर सांसद बन गया। खडूर साहिब लोकसभा सीट से एक खालिस्तानी की जीत से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिखों में राजनीतिक दलों को लेकर काफी असंतोष है।

अमृतपाल हाल ही में पंजाब आया था, लेकिन पंजाब में नशे के खिलाफ मुहिम छेड़कर उसने प्रदेशवासियों के दिलों में उसने अपनी जगह बना ली। धर्म के प्रति अमृतपाल की कट्‌टर सोच ने भी उसकी खास पहचान बनाई। क्योंकि खडूर साहिब पंथक सीट है, इसलिए अमृतपाल की दोनों मुहिम का उसे काफी फायदा मिला।

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इंदिरा गांधी के हत्यारे का बेटा सरबजीत सिंह खालसा

फरीदकोट लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार सरबजीत सिंह खलासा ने लोकसभा चुनाव जीता है। सरबजीत सिंह खालसा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारे बेअंत सिंह का बेटा है। उसे 298062 वोट मिले और उसने आम आदमी पार्टी के करमजीत सिंह अनमोल को 70053 वोटों से हराया है। करमजीत सिंह को 228009 वोट मिले, लेकिन एक हत्यारे के बेटे की चुनावी जीत का कारण भाजपा और आम आदमी पार्टी के प्रति नाराजगी कही जा सकती है।

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सरबजीत सिंह को करमजीत सिंह के अलावा हंसराज हंस ने भी टक्कर दी थी। करमजीत हारे, क्योंकि लोग आम आदमी पार्टी से नाराज हैं। हंसराज हंस हारे, क्योंकि उनसे किसान नाराज थे, क्योंकि हंसराज हंस ने विवादित बयान दिया था। किसानों पर जानलेवा हमला करने के आरोप लगाए थे। इस वजह से किसान भाजपा और उनसे नाराज थे। इसलिए लोगों ने निर्दलीय उम्मीदवार को अपना नेता चुन लिया।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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