पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बीते दिन मीडिया से खुलकर बात की. पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए पंजाब की राजनीति में 60 साल का अनुभव रखने वाले दिग्गज नेता ने भाजपा से नाराजगी जताई. उनके दिल का दर्द छलका और वे भावुक हो गए. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि भाजपा में 4 साल हो गए हैं, लेकिन यहां कोई पूछता नहीं है और न ही भाजपा में कुछ मिला है. पंजाब से जुड़े किसी भी मामले में उनकी राय नहीं मांगी जाती. जबकि पंजाब का रहने वाला हूं तो इस प्रदेश को सबसे ज्यादा जानता हूं और 2 बार प्रदेश का मुख्यमंत्री रह चुका हूं.
60 साल के राजनीतिक सफर का जिक्र किया
कैप्टन अमरिंदर सिंह नई दिल्ली में पत्रकारों से रूबरू हुए तो उनसे पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 और प्रदेश की सियासत को लेकर सवाल जवाब किए गए. उन्होंने कहा कि पंजाब की राजनीति में 60 साल बिताए हैं और 2 बार मुख्यमंत्री पद संभाल चुका हूं. 2 बार लोकसभा सांसद और 6 बार विधायक रह चुका हूं. अकेला नहीं हूं, कई दिग्गज नेता ऐसे हैं, जिन्होंने पंजाब के उतार-चढ़ावों को देखा, समझा और महसूस किया. पंजाब की जनता से हमारा जुड़ाव ज्यादा है, लेकिन भाजपा वाले सोचते हैं कि यहां के लोगों के बारे में जाने बिना चुनाव जीत लेंगे, आसान नहीं है. पंजाब के बारे में जानना है तो मुझसे पूछ लेते.
कांग्रेस को लेकर क्या बोले कैप्टन अमरिंदर सिंह?
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि सियासत और राजनीतिक दल को लेकर विचार रखने का अधिकार है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि भाजपा छोड़ रहा हूं. ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद कांग्रेस छोड़ी और अकाली दल जॉइन किया, फिर कांग्रेस में लौट आया और अब भाजपा में हूं. कंपनियों की तरह पार्टियां भी बदलती रहती हैं. पंजाब और प्रदेश की सियासत को लेकर सिर्फ अपने विचार व्यक्त कर रहा हूं. 5 साल से सोनिया गांधी, राहुल गांधी या प्रियंका गांधी से कोई बात नहीं हुई. अगर उन्होंने कोई मदद चाहिए होगी तो जरूर करूंगा, लेकिन कांग्रेस में वापसी का इरादा नहीं है और गांधी परिवार से रिश्ते अलग हैं.
कैप्टन अमरिंदर सिंह की मुख्यमंत्री बनने की इच्छा
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक सवाल के जवाब में पंजाब का मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई है. उनसे सवाल पूछा गया कि अगर पंजाब में चुनाव जीतकर BJP सत्ता में आती है और उन्हें मुख्यमंत्री पद ऑफर होता है तो क्या वे स्वीकार करेंगे? इसके जवाब में कैप्टन ने न हां कहा और न ही मना किया, बल्कि 84 वर्षीय कैप्टन बोले कि मोरारजी देसाई 92 की उम्र में देश के प्रधानमंत्री बने थे तो वे भी 84 की उम्र में मुख्यमंत्री बन सकते हैं. यानी अगर मुख्यमंत्री पद ऑफर हुआ है तो वे इसे स्वीकार करेंगे.
राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बताया
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं और वे इस समय मजबूती से राजनीति में आगे बढ़ रहे हैं. इंदौर में उनके कार्यक्रम में जुटी भीड़ उनकी लोकप्रियता का उदाहरण है. राजनीति बदलती रहती है और हर पार्टी का समय आता है. कांग्रेस का समय भी आ सकता है और राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन सकते हैं. बता दें कि गत 7 अगस्त को इंस्टाग्राम पर राहुल गांधी से एक सवाल पूछा गया था कि भाजपा में उनका फेवरेट नेता कौन है तो उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह को बेहद ‘कूल’ बताया और उनके साथ किए काम का जिक्र किया.
2027 में पंजाब में किस दल की सरकार बनेगी?
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव में किसी राजनीतिक दल की जीत की भविष्यवाणी कैप्टन ने नहीं की, लेकिन उन्होंने कहा कि पंजाब में राजनीतिक दल बंटे हुए हैं. अकाली दल टूट गई है और कांग्रेस में खींचतान चल रही है और पंजाब में भाजपा की मजबूत पैठ नहीं है. पंजाब की राजनीति तेजी से बदल रही है तो 2027 के चुनाव परिणाम पर कुछ बोलना मुश्किल है. भाजपा को पंजाब में गठबंधन करना चाहिए. अगर सरकार बनानी है तो अकाली दल से गठबंधन करना होगा. दोनों पुराने सहयोगी रहे हैं और पहले भी मिलकर सरकार बना चुके हैं. BJP अकेले चुनाव लड़ सकती है, लेकिन सरकार बनाने के चांस नहीं हैं.