Nasha Mukt Punjab Yatra: पंजाब में नशे के खिलाफ बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर से नारकोटिक्स के नेटवर्क को खत्म करने के लिए 2029 तक का रोडमैप सामने रखा है. शाह ने साफ कहा कि अब लड़ाई सिर्फ ड्रग्स की जब्त कर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने पर फोकस होना चाहिए.
अमित शाह ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स यानी ANTF प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि 2029 तक भारत से नशे के व्यापार को जड़ से उखाड़ फेंकने में सामूहिक रूप से कामयाब होना है.
गृह मंत्री ने लक्ष्य तय करते हुए कहा कि न एक ग्राम ड्रग्स भारत में आने दिया जाएगा और न भारत को ड्रग्स के लिए ट्रांजिट रूट बनने दिया जाएगा. उन्होंने नशे के खिलाफ लड़ाई में ‘टारगेट, टाइमलाइन और अकाउंटेबिलिटी’ तय करने पर जोर दिया.
‘सीजर नहीं, पूरे नेटवर्क को खत्म करना लक्ष्य’
अमित शाह ने ANTF की कार्यप्रणाली में बदलाव का आह्वान करते हुए कहा कि अब सिर्फ ड्रग्स की जब्ती को अचीवमेंट मानने के बजाय उसके पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने पर ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा कि अब ‘मीटिंग से मिशन, रिपोर्टिंग से रिजल्ट, Seizure से Network को खत्म करना और Case से Conviction’ तक जाना होगा.
अमित शाह ने राज्यों को ड्रग कार्टेल के खिलाफ तीन स्तरों पर कार्रवाई का रोडमैप भी दिया. ड्रग्स के एंट्री प्वॉइंट्स, इंटरनेशनल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और जिलों में मौजूद लोकल सेल नेटवर्क को निशाना बनाना.
इसके साथ ही फाइनेंशियल इंवेस्टिगेशन, डिजिटल लिंक, डार्कनेट और क्रिप्टो से जुड़े नेटवर्क की जांच को भी प्रायोरिटी देने की बात कही गई.
पंजाब में बीजेपी की ‘नशा मुक्त यात्रा’
इसी बीच पंजाब में बीजेपी ने 18 सितंबर से ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की है. 13 दिन चलने वाली 4 यात्राओं का लक्ष्य राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचना है. करीब 4,000 किलोमीटर की इस यात्रा का समापन 30 सितंबर को जालंधर में होना है. पंजाब में नशे का मुद्दा राजनीतिक रूप से भी अहम बना हुआ है. बीजेपी ने इस अभियान को नशे के खिलाफ जन-जागरूकता और जनभागीदारी से जोड़ते हुए राज्य में नशे के खिलाफ अभियान तेज किया है.
2029 तक का विजन डॉक्यूमेंट
केंद्र सरकार ने नारकोटिक्स कंट्रोल के लिए Vision Document 2026-2029 तैयार किया है. इसके तहत प्रवर्तन और खुफिया कार्रवाई, सिंथेटिक ड्रग्स और प्रीकर्सर कंट्रोल, डिमांड रिडक्शन एवं रिहैबिलिटेशन और क्षमता निर्माण एवं समन्वय को चार प्रमुख रणनीतिक स्तंभ बनाया गया है.
अमित शाह ने कहा कि इस लड़ाई को केंद्र सरकार या NCB अकेले नहीं लड़ सकते. राज्यों की पुलिस, ANTF और तमाम संबंधित एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा. उनका जोर जिले को नशे के खिलाफ लड़ाई की मूल इकाई बनाने और ANTF को प्रभावी ‘एंटी-नारको मिशन कमांड’ के तौर पर डेवलप करने पर रहा.
उन्होंने कहा कि विदेशों में बैठकर भारत में ड्रग्स सप्लाई करने वाले भगोड़ों को पकड़कर भारतीय अदालतों के सामने लाना होगा. भारत में मौजूद विदेशी आरोपियों को वापस भेजने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की दिशा में भी अभियान चलाने की जरूरत है.
युवाओं को जागरूक करने पर भी जोर
गृह मंत्री ने नशे के खिलाफ लड़ाई को सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को बचाने का राष्ट्रीय अभियान बताया. उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत को नशामुक्त बनाना जरूरी है.
इस मौके पर अमित शाह ने नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए एक टेलीविजन कमर्शियल लॉन्च किया, एनसीबी की नई वेबसाइट का शुभारंभ किया और लखनऊ तथा देहरादून में एनसीबी के नए जोनल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी. सम्मेलन में देश के 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ANTF प्रमुख हिस्सा लिया. यानी पंजाब में बीजेपी का ‘नशा मुक्त’ अभियान हो या केंद्र का 2026-29 नारकोटिक्स रोडमैप, नशे के खिलाफ लड़ाई अब जागरूकता से आगे बढ़कर ड्रग सप्लाई, तस्करी और पूरे नेटवर्क को खत्म करने की रणनीति पर केंद्रित होती दिख रही है.