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पंजाब की 20000KM लंबी लिंक सड़कों का होगा कायाकल्प, 4000 करोड़ आएगी लागत

पंजाब के सीएम ने सड़कों का विशेष मरम्मत अभियान शुरू करने को मंजूरी प्रदान की है। करीब 4000 करोड़ रुपये की लागत से इन सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इन सड़कों के निर्माण में एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को एक बड़े नागरिक केंद्रित फैसले में राज्य में 4000 करोड़ रुपये की लागत से 20000 किलोमीटर लंबी लिंक सड़कों के निर्माण के लिए विशेष अभियान शुरू करने को मंजूरी दे दी है। बुधवार को एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुविधा प्रदान करना है, क्योंकि ये संपर्क सड़कें लोगों के आवागमन तथा वस्तुओं एवं सेवाओं के सुगम परिवहन की सुविधा देती हैं। यह भी पढ़ें:जीरकपुर में बनेगा 19.2KM लंबा बाईपास; 1800 करोड़ होंगे खर्च, इन राज्यों के बीच कनेक्टिविटी होगी बेहतर उन्होंने कहा कि ये संपर्क सड़कें राज्य में आर्थिक विकास के लिए जरूरी हैं। इन मार्गों के जरिए व्यापार एवं कारोबार को भी बढ़ावा मिलता है। भगवंत सिंह मान ने इन सड़कों के जल्द से जल्द निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया है, क्योंकि इनमें से अधिकतर सड़कें 6 वर्ष की अवधि बीत जाने के बाद भी अनदेखी की स्थिति में हैं।

5 साल तक करना होगा रखरखाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सड़कों को सर्वोच्च प्राथमिकता, प्राथमिकता तथा जरूरतमंद सड़कों की श्रेणी में रखकर बनाया जाना चाहिए। इन सड़कों की आवश्यकता आधारित तथा प्राथमिकता के आधार पर निर्माण के लिए जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी तथा मंडी बोर्ड के अधिकारियों से कहा कि वे सुनिश्चित करें कि इन सड़कों के निर्माण पर एक-एक पैसा पारदर्शी तरीके से खर्च किया जाए। यह भी पढ़ें:जीरकपुर में 1878 करोड़ से बनेगा बाईपास; केंद्रीय कैबिनेट ने इन प्रस्तावों को दी मंजूरी इन सड़कों का निर्माण करने वाले ठेकेदारों को 5 वर्ष तक इनका रखरखाव करना होगा। राज्य सरकार ने इन ग्रामीण संपर्क सड़कों को चौड़ा, मजबूत और उन्नत करके संपर्क ढांचे को विस्तार देने का फैसला किया है।

AI तकनीक का होगा इस्तेमाल

मान ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए इस सड़क नेटवर्क के महत्व को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है। मान ने पंजाब मंडी बोर्ड और पीडब्ल्यूडी को काम की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने और परियोजना के लिए आवंटित हर पैसे का उचित तरीके से निवेश करने की बात कही। जरूरत के हिसाब से निर्माण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। यह कदम राज्य के मौजूदा संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करेगा। मान ने कहा कि यह तकनीक सड़कों के निर्माण कार्य में क्रांति लाएगी और जनता का काफी पैसा बचेगा। तीसरे पक्ष की जांच की व्यवहार्यता भी तलाशी जानी चाहिए। मौके पर कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत और अन्य मौजूद थे।


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