Arvind kejriwal Vipassana : दिल्ली के पूर्व सीएम और आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल 4 मार्च को पंजाब के होशियारपुर पहुंचे। अरविंद केजरीवाल 10 दिन के लिए विपश्यना केंद्र पहुंचे। इस दौरान उनके साथ लंबा काफिला था, जिस पर शिरोमणि अकाली दल के नेता ने तंज कसा और कहा कि जंगल में इतनी पुलिस पहुंच गई कि सभी पशु-पक्षी डर गए। शिरोमणि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने अरविंद केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा है कि हमारी पार्टी के एक सहकर्मी पूछ रहे थे कि ऐसा क्या हुआ कि आज जंगल में इतनी पुलिस गई है कि सभी पशु-पक्षी डरे हुए हैं। बाद में मुझे पता चला कि एक 'आम आदमी' 'विपश्यना' के लिए जंगल में गया था। यह कैसी 'विपश्यना' है कि पूरा पंजाब प्रशासन दिल्ली के पूर्व सीएम की सेवा में लगा हुआ है, जिनके पास कोई संवैधानिक अधिकार भी नहीं है।

स्वाति मालीवाल ने भी कसा तंज

इससे पहले राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी अरविंद केजरीवाल के काफिले पर सवाल उठाया था। स्वाति मालीवाल ने वीडियो शेयर कर लिखा था कि जिस पंजाब की जनता ने इतना प्यार दिया, उससे इतना डर लगता है केजरीवाल जी को? सारी दुनिया को VIP कल्चर पर टोकने वाले केजरीवाल जी आज खुद Donald Trump से बड़ा सुरक्षा घेरा लेकर घूम रहे हैं। गजब ही है। कैसे पंजाब जैसे महान सूबे को सबने अपने ऐश-आराम के साधन निकालने का जरिया बना लिया है।

पंजाब में कहां गए हैं अरविंद केजरीवाल?

रिपोर्ट के अनुसार, अरविंद केजरीवाल होशियारपुर से करीब 11 किलोमीटर दूर आनंदगढ़ गांव में स्थित धम्म धजा विपश्यना केंद्र पहुंचे हैं, जहां वह 10 दिन तक विपश्यना सत्र में शामिल हुए हैं। इस बार अरविंद केजरीवाल अकेले नहीं बल्कि परिवार समेत गए हैं। अगले दस दिन यानी 15 मार्च तक वह यहीं रहेंगे। हालांकि, यह कोई पहला मौका नहीं है जब अरविंद केजरीवाल विपश्यना के लिए गए हों, बल्कि वह कई बार पहले भी जा चुके हैं।

क्या होती है विपश्यना?

विपश्यना ध्यान करने की एक भारतीय विधि है। ध्यान करने का यह तरीका आत्म-जागरूकता और मन की शांति पर केंद्रित है। विपश्यना ध्यान बौद्ध धर्म की सबसे पुरानी विचारधारा थेरवाद से आया है। विपश्यना का मतलब है कि जो वस्तु सचमुच जैसी हो, उसे उसी प्रकार जान लेना। यह अंतर्मन की गहराइयों तक जाकर आत्म-निरीक्षण द्वारा आत्मशुद्धि की साधना है।