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1.5 करोड़ गंवाए, सबकुछ लगा दांव पर, बेटे संग हथकड़ियों में लौटीं लवप्रीत की आपबीती

America Deported A Punjabi Woman ‘Dunki’ Route Story: अमेरिका से डिपोर्ट हुई पंजाब की लवप्रीत कौर (30) ने खतरनाक ‘डंकी’ रास्ते की आपबीती सुनाई है।

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America Deported A Punjabi Woman ‘Dunki’ Route Story: ‘हमें कमर से लेकर पैरों तक जंजीरों से बांध दिया गया और हमारे हाथों में हथकड़ी लगा दी गई… केवल बच्चों को बख्शा गया।’ ये आपबीती है अमेरिका से डिपोर्ट हुए 104 भारतीयों में शामिल पंजाब की लवप्रीत कौर (30) की। लवप्रीत कौर ने बताया कि एजेंट ने हमारे परिवार से कहा कि वे हमें सीधे अमेरिका ले जाएंगे। लेकिन, सीधे अमेरिका ले जाने की बजाय, उन लोगों ने हमें खतरनाक ‘डंकी’ रास्ता अपनाने के लिए मजबूर किया। इसके बाद अमेरिकी सीमा पर अधिकारियों ने उन्हें मैक्सिको के रास्ते देश में घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि एजेंटों की वजह से उन्हें काफी कुछ सहना पड़ा और सपने चकनाचूर हो गया।

एजेंटों को दिए 1.5 करोड़

अमेरिका से डिपोर्ट हुई लवप्रीत कौर (30) पंजाब के कपूरथला जिले के भोलाथ की रहने वाली हैं। वह 2 जनवरी को अपने 10 साल के बेटे के साथ अमेरिका के लिए रवाना हुई थीं। लवप्रीत कौर अमेरिका में रह रहे अपने पति से मिलने के लिए गई थीं। लवप्रीत कौर को अमेरिका भेजने के लिए उसके परिवार ने अपना सब कुछ दांव पर लगाते हुए एजेंटों को 1.5 करोड़ रुपये दिए थे।

खेत की जमीन पर लिया कर्ज

लवप्रीत कौर के गांव के एक सरपंच ने बताया कि अमेरिका जाने के लिए ज्यादातर पैसों का इंतजाम लवप्रीत कौर के पति ने किया था। वहीं, बाकी के पैसों का इंतजाम परिवार ने अपने खेत की जमीन पर कर्ज लेकर किया था। लवप्रीत के पति ने ही परिवार को यह खबर दी थी कि उसे हिरासत में लिया गया है और डिपोर्ट किया जा रहा है।

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क्यों अपनाया ‘डंकी’ रास्ता

इंडियन एक्सप्रेस ने लवप्रीत कौर के हवाले से बताया कि एजेंट ने उनके परिवार से कहा कि वे उन्हें सीधे रास्ते से अमेरिका ले जाएंगे। लेकिन एजेंटों ने उन्हें सीधे रास्ते से अमेरिका ले जाने की बजाय, उन लोगों को खतरनाक ‘डंकी’ रास्ता अपनाने के लिए मजबूर किया, जिसकी वजह से अमेरिका तक पहुंचने के लिए कई देशों में भटकना पड़ा।

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3 घंटे तक पैदल चले

लवप्रीत कौर ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पहले उन्हें उनके बेटे को कोलंबिया के मेडेलिन ले जाया गया और वहां करीब 2 हफ्ते तक रखा गया। इसके बाद उन्हें फ्लाइट से अल साल्वाडोर के सैन साल्वाडोर ले जाया गया। यहां से वे लोग 3 घंटे से ज्यादा पैदल चलकर ग्वाटेमाला पहुंचे। इसके बाद फिर कई टैक्सियां बदलकर मैक्सिकन सीमा तक पहुंचे। मैक्सिको में 2 दिन रहने के बाद, वे आखिरकार 27 जनवरी को अमेरिका पहुंचे।

झुमके और चूड़ियां उतारवा ली

लवप्रीत कौर ने कहा कि जब वह अमेरिका पहुंची, तो उन लोगों ने उनसे उनके सिम कार्ड और यहां तक कि झुमके और चूड़ियां जैसे छोटे गहने भी हटाने को कहा। लवप्रीत कौर ने बताया कि वह पहले ही पिछले देश में अपना सामान खो चुकी थी। यहां पर भी उन्हें पहले 5 दिनों तक एक शिविर में रखा गया। अमेरिकी सीमा पर अधिकारियों ने उन्हें मैक्सिको के रास्ते देश में घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ लिया। फिर 2 फरवरी को उन्हें कमर से लेकर पैरों तक जंजीरों से बांध दिया गया और हमारे हाथों में हथकड़ी लगा दी गई। केवल बच्चों को बख्शा गया।

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