हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

पंचायतों को भंग करने का फैसला वापस, जानें हाईकोर्ट से सरकार ने क्या कहा

विज्ञापन

Punjab Govt Notification Withdraw, चंडीगढ़: पंजाब पंचायतों को भंग करने के मामले नया अपजडेट सामने आया है। राज्य सरकार ने अपने उस फैसले को वापस ले लिया है जिसमें उन्होंने 13,241 के करीब पंचायतों को भंग के लिए कहा था। पंजाब सरकार ने फैसले को वापस ले वाली बात हाई कोर्ट को जानकारी देते हुए बताई है।

राज्य सरकार ने गुरुवार को चंडीगढ़ हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान बताया कि सरकार ने प्रदेश में पंचायतें भंग करने के अपने निर्णय वापस ले लिया है। साथ ही सरकार ने कोर्ट को पंचायत चुनाव के बारे में भी जानकारी दी है। जिसमें सरकार ने बताया कि पंजाब में नवंबर में पंचायत चुनाव करवाए जाएंगे।

ये है मामला

पंजाब सरकार ने 10 अगस्त को एक नोटिफिक्शन जारी करते हुए राज्य की 13,241 पंचायतों को भंग करने का फैसला लिया था। साथ ही नवंबर में पंचायत चुनाव करवाने के लिए कहा था। लेकिन चुनावों की कोई तारीख नहीं दी थी। इसके बाद इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में एक PIL दायर की गई। जिस पर गुरुवार को हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस की बेंच से सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कोर्ट राज्य सरकार ने हर सवाल के जवाब दिया।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: पंजाब में ESMA कानून लागू, जानें सीएम भगवंत मान को क्यों लेने पड़ा ये बड़ा फैसला

कोर्ट का आदेश

सुनवाई के दौरान सरकार का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने सरकार को दो दिन का समय देते हुए Notification Withdraw करने को कहा है। साथ ही पंचायत चुनाव को तय शिड्यूल के अनुसार ही करवाने के लिए कहा है।

विज्ञापन

बता दें कि हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूरे पंजाब में ESMA एक्ट लागू किया है। राज्य में ये एक्ट 31 अक्टूबर तक लागू रहेगा। इस दौरान कोई भी अधिकारी और कर्मचारी अपनी पोस्टिंग और इलाके को नहीं छोड़ सकता। सीएम ने ये फैसला जिला कार्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों की तरफ से हड़ताल के नोटिस जारी करने के बाद लिया है।

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola