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निकाय चुनाव नतीजों के बाद उद्धव गुट के दो पार्षद ‘लापता’, पुलिस से लगाई मदद की गुहार

कल्याण-डोंबिवली में नगर निगम चुनाव के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने अपने दो पार्षदों के अचानक लापता होने को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. मोबाइल फोन बंद होने और संपर्क न होने से सियासी तनाव बढ़ गया है.

Credit: Social Media

कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के हाल के चुनावों के बाद राजनीति एक बार फिर से गरमा गई है. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है क्योंकि उनके दो पार्षदों का पता नहीं चल पा रहा है. पार्टी के जिला अध्यक्ष शरद शिवराज पाटिल ने कॉलसेवाडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई. उन्होंने कहा कि मधूर उमेश म्हात्रे और किर्ती राजन ढोणे नाम के दो पार्षद पिछले कई दिनों से संपर्क में नहीं हैं. उनके मोबाइल फोन बंद हैं और परिवार वालों, रिश्तेदारों या पार्टी पदाधिकारियों से पूछने पर भी उनसे कोई बात नहीं हो पाई. इसलिए शिवसेना-UBT ने दोनों को गुमशुदा बताकर निष्पक्ष जांच की मांग की है.

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शरद पाटिल ने जाहिर की चिंता

शरद पाटिल ने कहा कि पार्षदों का अचानक लापता होना सिर्फ राजनीतिक मामला नहीं है, बल्कि लोकतंत्र, कानून-व्यवस्था और जनता के विश्वास से जुड़ा सवाल है. उन्होंने कहा कि इस मामले में दबाव, धोखाधड़ी या आपराधिक तत्वों की भी संभावना को नकारा नहीं जा सकता है और इसलिए सही जांच जरूरी है. पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है. वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गणेश नायंडे ने कहा कि जांच चल रही है और पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पार्षद कहां हैं.

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चुनाव में किसी भी पार्टी को नहीं मिला बहुमत

ये राजनीतिक उठापटक 15 जनवरी को हुए KDMC चुनावों के तुरंत बाद शुरू हुई है. इस चुनाव में 122 सदस्यीय निगम के लिए कुछ भी स्पष्ट बहुमत नहीं आया था. शिवसेना (शिंदे गुट) ने 52 सीटें जीतीं, बीजेपी ने 51, और शिवसेना-UBT को 11 सीटें मिलीं. अन्य छोटे दलों और निर्दलीय पार्षदों के साथ मिलकर ही किसी गुट को सत्ता के लिए समर्थन मिल सकता है. राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की वजह से सभी पार्टियों के लिए पार्षदों की संख्या मायने रखती है. ऐसे में दो पार्षदों का अचानक गायब होना राजनीतिक तनाव और अटकलें बढ़ा रहा है.

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