नासिक के चर्चित न्यूमेरोलॉजिस्ट और स्वयंभू बाबा कैप्टन अशोक खरात की कुंडली अब सियासी गलियारों में खंगाली जा रही है. इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर के साथ खरात की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. कांग्रेस ने उसे 'महाराष्ट्र का आसाराम बापू' करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है. 18 मार्च को नागपुर पुलिस ने 27 वर्षीय महिला की शिकायत पर अशोक खरात को गिरफ्तार किया. आरोप है कि खुद को ज्योतिषी और दैवीय शक्ति वाला बताने वाले खरात ने पिछले दो सालों से महिला को डरा-धमकाकर यौन शोषण किया. कोर्ट ने उन्हें 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

कौन है कैप्टन अशोक खरात?

67 वर्षीय अशोक खरात मूल रूप से नासिक जिले के सिन्नर तालुका के रहने वाला है. वह मर्चेंट नेवी से रिटायर्ड कैप्टन है, इसलिए नाम के आगे 'कैप्टन' लगाता है. दावा करता है कि नौकरी के दौरान 154 देशों की यात्रा की, कई भाषाएं सीखीं. स्कूल के दिनों में अचानक लापता हो गया, 22 साल नेवी में रहा, फिर नासिक लौटकर न्यूमेरोलॉजी और कॉस्मोलॉजी एक्सपर्ट बन गया. सिन्नर के मिरगांव में श्री ईशान्येश्वर मंदिर (श्री शिवनिका संस्थान) ट्रस्ट का चेयरमैन है. बड़े राजनेता, सेलिब्रिटी और बिजनेसमैन उनके फॉलोअर है, कई महिलाओं ने भी उनकी पाद्य पूजा की है.

---विज्ञापन---

पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे

आरोपी के पास से पेन ड्राइव बरामद हुई, जिसमें 58 सनसनीखेज और अश्लील वीडियो हैं. इनमें कई मशहूर महिलाएं और प्रभावशाली लोग शामिल बताए जा रहे हैं. पहले भी एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें धार्मिक रस्म के बहाने महिला के साथ अश्लील हरकत दिखी. जांच में ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण के कई पहलू सामने आ रहे हैं.

---विज्ञापन---

कांग्रेस का हमला: 'महाराष्ट्र का आसाराम बापू'

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा, "अशोक खरात महाराष्ट्र का आसाराम बापू है. उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. महिला आयोग से महिलाओं के शोषण के खिलाफ काम करने की उम्मीद है, मगर जिसने आरोपी की पूजा की हो, उससे न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती."

रूपाली चाकणकर पर क्यों उठे सवाल?

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर से इस्तीफे की मांग तेज हो गई है, क्योंकि उनकी आरोपी के ट्रस्ट से जुड़ाव की तस्वीरें वायरल हो रही हैं. वायरल तस्वीरों में रूपाली चाकणकर खरात के लिए छाता पकड़े और पूजन करती दिख रही हैं. कांग्रेस का दावा है कि वे आरोपी के शिवनिका संस्थान ट्रस्ट की ट्रस्टी हैं. शिवसेना (यूबीटी) की सुषमा अंधारे ने आरोप लगाया कि चाकणकर ने रसूख से पहले भी ऐसे मामलों को दबाने की कोशिश की. कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने भी रूपाली चाकणकर का इस्तीफा मांगा. एनसीपी-एसपी प्रवक्ता सुनील मांगे ने भी उन्हें हटाने की मांग की.

रूपाली चाकणकर का बयान

रूपाली चाकणकर ने कहा, "मैं शिवनिका ट्रस्ट से सिर्फ समाज सेवा के लिए जुड़ी थी. मुझे अशोक खरात के पर्सनल लाइफ या आरोपों की कोई जानकारी नहीं है. पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी, मुझे पूरा भरोसा है." यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति में गरमा गया है, जहां विपक्ष महिला आयोग अध्यक्ष के इस्तीफे पर अड़ा है. जांच आगे बढ़ रही है और नए खुलासे होने की आशंका है.