महाराष्ट्र के बीड जिले के पुरुषोत्तमपुरी में चल रही अधिक मास यात्रा के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया. भगवान पुरुषोत्तम के दर्शन और पुण्य लाभ के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं से भरी नाव गोदावरी नदी में पलट गई. इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि 10 से 12 साल का एक बच्चा अब भी लापता है. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम और अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

जानकारी के अनुसार, नाव में करीब 35 श्रद्धालु सवार थे. नदी पार करते समय अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई. हादसे के बाद श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई. नदी में डूब रहे लोगों को बचाने के लिए स्थानीय नागरिक, नाविक और प्रशासनिक टीम तुरंत मौके पर पहुंची. उनकी मदद से अधिकांश लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव में उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया गया था. इसी वजह से नाव असंतुलित होकर पलट गई. हादसे में एक महिला की जान चली गई, जबकि एक मासूम बच्चा नदी की तेज धारा में लापता हो गया. बच्चे की तलाश के लिए बचाव दल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है.

नाव में सवार कुछ महिलाओं ने बताया कि नाव पलटते ही वे गहरे पानी में डूबने लगी थीं. किसी तरह लोगों की मदद और तैरकर वे किनारे तक पहुंच सकीं. उन्होंने दावा किया कि नाव में मौजूद यात्रियों को लाइफ जैकेट भी उपलब्ध नहीं कराई गई थी, जिससे हादसा और गंभीर हो गया.

घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिक मास यात्रा में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, फिर भी घाटों और नाव संचालन में सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया जाता. उनका कहना है कि प्रशासन और संबंधित ठेकेदारों की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ.

अधिक मास के दौरान पुरुषोत्तमपुरी में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. ऐसे में नदी घाटों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होना चिंता का विषय बन गया है. स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है.

फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. वहीं, लापता बच्चे की तलाश के लिए गोताखोरों और बचाव दल की टीम लगातार अभियान चला रही है. गोदावरी में हुआ यह हादसा धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की एक और दुखद मिसाल बनकर सामने आया है.