हलफनामे में '10वीं फेल' के टैग ने किया परेशान, कौन हैं 58 साल की उम्र में SSC पास करने वाले सांसद?

Shrirang Barne: महाराष्ट्र में सांसद श्रीरंग बारणे शिवसेना की टिकट पर 2014 और 2019 में सांसद बने। उन्हें अपने शपथपत्र में दोनों बार लिखना पड़ा कि वह ‘दसवीं फेल’ हैं, फिर यहीं से उनकी जिंदगी बदलनी शुरू हो गई।

Shrirang Barne

Shrirang Barne: पढ़ाई करने के लिए कोई उम्र सीमा नहीं होती है। उसके लिए बस दिल में जज्बा होना चाहिए। इस बात को सच किया है, पुणे के मावल लोकसभा क्षेत्र से तीन बार सांसद रह चुके श्रीरंग बारणे ने। 61 साल के श्रीरंग बारणे को अपने जीवन में केवल एक ही चीज परेशान कर रही थी, वह था उनपर लगा 10वीं फेल का टैग। बारणे ने अपने हलफनामे में 10वीं फेल लिखा देखा, तो उन्हें लगा कि वे पिछड़ रहे हैं। फिर क्या था इस टैग को हटाने के लिए उन्होंने एसएससी (Secondary School Certificate) पास करने का फैसला किया।

विज्ञापन

10वीं फेल का टैग

श्रीरंग बारणे 2014 में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ा था। उस समय वह मावल से जीतकर सांसद बने। उन्होंने 2019 में एक बार फिर से भी जीत हासिल की, इस बार उन्होंने उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बड़े बेटे पार्थ को शिकस्त दी थी। मिड डे की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों बार उनको जीत मिली, लेकिन उनको एक चीज परेशान कर रही थी, वह थी उनकी एजुकेशन। हलफनामे में जब उन्होंने दोनों बार 10वीं फेल लिखा देखा, तो उन्हें लगा कि वे पिछड़ रहे हैं।

विज्ञापन

58 साल की उम्र में पढ़ाई

2022 में 58 की उम्र में बारणे ने 10वीं की परीक्षा फिर से देने के बारे में सोचा। इस बार उन्होंने एसएससी बोर्ड परीक्षा पास कर ली। 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करते समय, वह हलफनामे में ‘एसएससी पास’ लिख सकते थे। यह उनके लिए गर्व की बात थी। अपनी जीत पर बारणे ने कहा कि वह हमेशा से अपनी शिक्षा पूरी करना चाहते थे, लेकिन मेरे बिजी शेड्यूल की वजह से यह हो नहीं पाया।

विज्ञापन

1980 में, बारणे ने अपनी एसएससी बोर्ड परीक्षा दी, लेकिन साइंस में वह फेल हो गए थे। वह कहते हैं कि पुरस्कार और चुनाव जीतना बहुत अच्छा लगता था, लेकिन अंदर से मुझे पता था कि मुझे यह लक्ष्य हासिल करना है।

रात में करते थे पढ़ाई

2019 में कोविड-19 के दिनों में, बारणे ने अपने साइंस के पेपर को पास करने के लिए एसएससी बोर्ड परीक्षा में फिर से बैठने का फैसला किया। उनके करीबियों के मुताबिक, बारणे आमतौर पर रात में या जब भी उन्हें काम से वक्त मिलता था, वह पढ़ाई करते थे। आपको बता दें कि बारणे को पांच बार संसद रत्न पुरस्कार और महा संसद रत्न पुरस्कार मिल चुका है।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shabnaz

Shabnaz

शबनाज़ खानम एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो वर्तमान में न्यूज़24 में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इंडिया डेली लाइव, ज़ी न्यूज़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में विभिन्न पदों पर ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। शबनाज़ ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्हें डिजिटल और टीवी दोनों में काम करने का 5 साल का अनुभव प्राप्त है और वे अपने संपादन कौशल, बारीक नज़र और विस्तृत कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। काम के अलावा, उन्हें सिनेमा और लाइफस्टाइल पर बातचीत करना बेहद पसंद है, जो उनकी कहानी कहने की गहरी रुचि को दर्शाता है।
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ