संजय राउत ने एक बार फिर शिवसेना शिंदे गुट पर हमला बोला है। उद्धव ठाकरे के सांसदों पर दबाव बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा कौन कह रहा है? एकनाथ शिंदे गुट के जो लोग हैं, वो डरपोक हैं। उन्हें डरा-धमकाकर पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। वे आज भी डरे हुए हैं। आप उनकी बॉडी लैंग्वेज देखो, वे हमेशा डरे रहते हैं, सोचते रहते हैं कि क्या होगा, क्या नहीं होगा? हम असली शिवसेना हैं, बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना, हमारे ऊपर कोई दबाव नहीं डाल सकता। सभी लोग जब पार्टी छोड़कर जा रहे थे, तब भी हमने डटकर सामना किया। आज कोई उनके नाम पर दबाव बनाएगा, हिम्मत नहीं है। यह भी पढ़ें:बजट सेशन में वक्फ समेत 16 विधेयक पास, 100 फीसदी से ज्यादा कामकाज; जानें संसद का लेखा-जोखा हमने एक निर्णय लिया है कि जो भारत के हित में था, राष्ट्रहित में था, हमने उसके आधार पर वक्फ संशोधन बिल 2025 के खिलाफ वोट किया। मैं मानता हूं कि इस बिल का हिंदुत्व से कोई लेना-देना नहीं है। ये जो लोग उसमें हिंदुत्व जोड़ रहे हैं, उन्हें बताना चाहिए कि उसमें क्या है, जो हिंदुत्व से जुड़ा है?

जमीनों पर कब्जे की योजना

राउत ने कहा कि पूरा बिल भ्रष्टाचार को वैध रूप देने के लिए लाया गया है। दो लाख करोड़ की जमीनों को उद्योगपतियों को सौंपने की योजना है। सरकार के करीबी उद्योगपति उस पर कब्जा करेंगे। हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ वोट किया है। झूठ के खिलाफ वोट किया है, हमारे ऊपर कोई दबाव नहीं था। हमारे यहां उद्धव ठाकरे और पार्टी का आदेश माना जाता है, न कि मोदी या अमित शाह का। आखिरी वक्त तक बीजेपी के बड़े नेता हमारे नेताओं से संपर्क में थे, ताकि हम बिल को समर्थन दें। अगर आपके पास बहुमत था, तो देवेंद्र फडणवीस को ट्वीट करने की जरूरत क्यों पड़ी? लोकसभा में भारी बहुमत नहीं मिला, 300 सीटें नहीं मिलीं। चेक कर लीजिए, बहुमत 273 का है और वोट उससे कम मिले। हमारे कुछ सांसद बीमार थे, बाहर थे, वो होते तो आंकड़ा और बढ़ता।

7 लोगों ने लास्ट में पलटी मारी

राउत ने कहा कि राज्यसभा में भी यही हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने ओडिशा और बिहार के नेताओं पर दबाव डाला। वे 7 लोग, जिन्होंने आखिरी वक्त में पलटी मारी, नहीं तो वे पहले विरोध में थे। आपके पास इतना बड़ा बहुमत है तो आखिरी मिनट तक ये खेल क्यों? एकनाथ शिंदे को लेकर राउत ने कहा कि ये शिंदे गुट के लोग बड़े नेता नहीं हैं। न पढ़ते हैं, न सुनते हैं। मेरा संसद में दिया गया भाषण सुनना चाहिए। और जो 'जनाब' कहते हैं कि असली जनाब कौन हैं? अमित मियां शाह, नरेंद्र मियां मोदी। लोकसभा में जितनी वकालत मुसलमानों की उन्होंने की है, उतनी तो मोहम्मद अली जिन्ना ने भी नहीं की थी, जब पाकिस्तान बन रहा था। इतनी चिंता, इतनी वकालत, जैसे जिन्ना की आत्मा उठकर इनके अंदर आ गई हो।

मोदी सोशल मीडिया प्रधानमंत्री

राउत ने कहा कि मोदी और शाह की जोड़ी मुसलमानों की मसीहा बन गई है। शिंदे गुट वाले इन जनाबों के चेले हैं। डर के मारे जी रहे हैं, कुछ भी बोलें या करें तो ईडी की फाइलें खोल दी जाएंगी। अभी तक उनकी फाइलें बंद नहीं हुई हैं। मोदी के टूर पर राउत ने कहा कि वे अभी बैंकॉक में हैं। उनके दिमाग की मसाज हो रही है। प्लेन में मसाज होता है ना? वहां जाकर फ्रेश लगते हैं लोग। मोदी के अंधभक्त वहीं से ट्वीट कर रहे हैं। यहां ट्रेड वार चल रहा है, 26 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है, उद्योग खत्म हो रहे हैं, रुपया गिर रहा है, लेकिन मोदी जी बैंकॉक घूम रहे हैं। मैंने कहा है कि रुपया गिरा नहीं है, मर चुका है। ये ट्विटर प्रधानमंत्री हैं, जो सोशल मीडिया नामक अलग देश में हैं। आने वाले समय में अमेरिका का टैरिफ अटैक खतरनाक होगा। हमारी अर्थव्यवस्था, रोजगार सब पर असर होगा। चीन ने ट्रंप को जवाब दिया, उल्टा 35 फीसदी टैरिफ लगा दिया। यह भी पढ़ें:UP के 5 जिलों में हीट वेव का येलो अलर्ट, कई जिलों में पड़ेगी भयंकर गर्मी; जानें अगले 3 दिन के मौसम का हाल