हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CycloneTiger ShroffGyanesh KumarBigg Boss 20

राज ठाकरे का उद्धव पर हमला, कहा- जो लोग खोके खोके चिल्ला रहे हैं उनके पास कंटेनर है, कोविड को भी नहीं बख्शा

विज्ञापन

मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने पनवेल में कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों को संबोधन के दौरान अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग खोके खोके चिल्ला रहे हैं उनके पास कंटेनर हैं। इन्होंने कोविड को भी नहीं बख्शा। राज के आरोप का मतलब है कि कोविड के लिए गए ठेकों में भ्रष्टाचार हुआ है और इसमें उद्धव और उनकी शिवसेना पार्टी शामिल है। भाजपा नेताओं की शिकायत के बाद जांच एजेंसी ED इस मामले में उद्धव के क़रीबियों के अलावा बीएमसी अधिकारियों से भी पूछताछ कर रही हैं।

अजीत पवार के बहाने भाजपा निशाने पे

उद्भव के बाद राज के हत्थे चढ़े राज्य के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार संबोधन के दौरान राज ने कहा कि छगन भुजबल ने अजित पवार को बताया होगा की जेल कैसा होता है। इसलिए अजित दादा बीजेपी में आ गए। बीजेपी के साथ आने वाले गाड़ी में छुपकर जाते है पहले 70 हज़ार करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाओ और फिर साथ ले लो। उन्होंने भाजपा को नसीहत देते हुए कहा, ‘बीजेपी को अन्य पार्टियों को तोड़ने की बजाए खुद के पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिय। कनपटी पर बंदूक लगाकर लोगों को अपने पास बुलाते हैं।’

राज ने इस दौरान एक बार फिर मराठी माणूस का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य की जमीन कौन ले रहा है, पता नहीं चल रहा बड़े पैमाने पर बाहर के लोग राज्य में जमीन खरीद रहे हैं। गोवा में बीजेपी की सरकार है वहां के मुख्यमंत्री कहते हैं कि गोवा को गुड़गांव नहीं बनने देंगे लेकिन यही बात राज ठाकरे करेगा तो वो देशद्रोही। आसाम, मिजोरम, मणिपुर, सिक्किम में बाहर के लोग ज़मीन नहीं खरीद सकते वो भी इसी देश का हिस्सा है। तो अलग-अलग राज्य में अलग अलग कानून क्यों, महाराष्ट्र में बाहर के लोग ज़मीन खरीद सकते हैं, इसका खामियाजा यहां के स्थानिक लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

(westcountydental.com)

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें