महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी को लेकर तापमान बढ़ गया है. ठाणे के मुंब्रा में आयोजित एक जनसभा के दौरान राज्य सरकार के मंत्री नितेश राणे ने ऐसे बयान दिए, जिनसे नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. राणे पहले भी कई बार अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं और इस बार भी उनका भाषण चर्चा के केंद्र में है. जनसभा को संबोधित करते हुए राणे ने मदरसों को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी की. उन्होंने दावा किया कि मदरसों से डॉक्टर या इंजीनियर नहीं, बल्कि “आतंकवादी” तैयार होते हैं. उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया की संभावना जताई जा रही है. राणे ने यह भी कहा कि मदरसों को बंद कर देना चाहिए और संकेत दिया कि आने वाले समय में इस दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं.
मुंब्रा का नाम बदलने की तैयारी?
अपने भाषण के दौरान राणे ने मुंब्रा के नाम को लेकर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि मुंब्रा का नाम बदलकर “मुंब्रा देवी” किया जाएगा. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे इस्लामपुर का नाम बदलकर ईश्वरपुर किया गया, उसी तरह मुंब्रा का नाम भी बदला जा सकता है. इस बयान ने स्थानीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. राणे ने अपने भाषण में विरोधियों पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने जितेंद्र आव्हाड का नाम लेते हुए तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया और सहर यूनिस शेख के बयान का जिक्र करते हुए उनकी विचारधारा पर सवाल उठाए. इसके अलावा उन्होंने शाहरुख खान और आमिर खान का नाम लेते हुए भी टिप्पणी की, जिससे विवाद और गहरा सकता है.
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फिल्मी अंदाज में दी चेतावनी
भाषण के आखिर में राणे ने एक फिल्मी डायलॉग दोहराते हुए कहा— “ये देवा भाऊ का महाराष्ट्र है, घुसेगा भी और मारेगा भी.” उनके इस बयान को लेकर विपक्ष आक्रामक रुख अपना सकता है. नितेश राणे का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब राज्य में पहले से ही कई संवेदनशील मुद्दों पर सियासी माहौल गर्म है. उनके बयान के बाद विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सत्तापक्ष की प्रतिक्रिया पर भी सभी की नजरें टिकी हैं.
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