तकनीक के इस दौर में मोबाइल फोन जहां जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है, वहीं इसका अनियंत्रित इस्तेमाल कई बार भयावह परिणाम भी लेकर आता है. नाशिक के हरसुल इलाके से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है, जहां एक पिता ने महज़ मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर अपने ही 14 वर्षीय बेटे की निर्मम पिटाई कर उसकी जान ले ली.
मृतक की पहचान सार्थक शंकर पिंपलगे (14) के रूप में हुई है, जो वैष्णवी नगर का निवासी था. जानकारी के अनुसार, सार्थक को मोबाइल फोन का अत्यधिक शौक था और वह अक्सर देर रात तक उसका उपयोग करता था. रविवार की रात करीब 11:30 बजे भी वह मोबाइल चला रहा था, जिसे लेकर उसके पिता शंकर सुखदेव पिंपलगे (40) का गुस्सा भड़क उठा.
बताया जा रहा है कि गुस्से में आपा खो बैठे पिता ने पहले घर के अंदर ही बेटे की बेरहमी से पिटाई की. इसके बाद भी उनका क्रोध शांत नहीं हुआ और वे सार्थक को घसीटते हुए घर के बाहर ले गए, जहां लकड़ी के फट्टे और डंडे से उस पर लगातार वार करते रहे. मां सुनीता पिंपलगे ने बीच-बचाव की भरसक कोशिश की, लेकिन वह अपने बेटे को इस हैवानियत से नहीं बचा सकीं. मारपीट इतनी बर्बर थी कि मौके पर ही सार्थक ने दम तोड़ दिया.
इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया. अंतिम संस्कार के बाद, मां ने साहस जुटाकर हरसुल पुलिस थाने में अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है.
यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है. मोबाइल और डिजिटल कंटेंट की बढ़ती लत बच्चों के व्यवहार और मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाल रही है. हालांकि, विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा समाधान नहीं हो सकती.