MVA Protest March: शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे और राकांपा नेता अजीत पवार मुंबई में महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) की ओर से निकाले गए विरोध मार्च में शामिल हुए। दोनों नेताओं के साथ हजारों की संख्या में उनके समर्थक, नेता और कार्यकर्ता भी इस मार्च में शामिल हुए हैं। बता दें कि एमवीए राज्य सरकार और राज्यपाल बीएस कोश्यारी के खिलाफ छत्रपति शिवाजी महाराज पर उनकी विवादास्पद टिप्पणी को लेकर विरोध मार्च निकाल रहा है।
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एमवीए क्यों कर रही है विरोध प्रदर्शन

शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस के नेताओं के अनुसार, छत्रपति शिवाजी महाराज और महात्मा ज्योतिबा फुले के अपमान को लेकर हम विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके अलावा अन्य कारणों में कर्नाटक के सीमावर्ती क्षेत्रों में मराठी भाषियों के खिलाफ अत्याचार, राज्य से बाहर की जा रही औद्योगिक परियोजनाएं और महाराष्ट्र के साथ अन्याय शामिल हैं। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के आज एमवीए के ‘हल्ला बोल’ मोर्चा में शामिल होने की संभावना है। इसके बाद वे एक रैली को संबोधित करेंगे। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा, “प्रदर्शन एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट और भाजपा की सरकार के खिलाफ लोगों के गुस्से को प्रदर्शित करेगा।” महा विकास अघाड़ी (एमवीए) का ‘हल्ला बोल’ विरोध जे जे अस्पताल के पास शुरू होगा और दक्षिण मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर समाप्त होगा।
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एनसीपी नेता बोले- उन्हें इतिहास बदलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए

विरोध मार्च में शामिल एनसीपी नेता दिलीप वाल्से पाटिल ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ सावित्रीबाई फुले और अन्य महानुभावों के खिलाफ कुछ भी कहा जाए तो महाराष्ट्र की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। शिंदे सरकार को हमारा संदेश है कि उन्हें राज्य के इतिहास को बदलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। शिंदे सरकार के खिलाफ एमवीए की विरोध रैली में शामिल कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट ने कहा कि कुछ प्रमुख परियोजनाओं को महाराष्ट्र से हटाकर गुजरात को दे दिया गया और वहां भाजपा ने चुनाव जीता। महाराष्ट्र की जनता अपने वोट से भाजपा को कड़ा संदेश देगी। और पढ़िए – देश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें