मुंबई में लगातार हो रहे हादसों के बाद बीएमसी (BMC) कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने बड़ा फैसला लिया है। पिछले हफ्ते पेड़ गिरने से हुई तीन मौतों के बाद अब बीएमसी एक वैज्ञानिक अध्ययन कराएगी, जो यह जांचेगा कि क्या सड़कों के कंक्रीटीकरण (Concretisation) से पेड़ कमजोर हो रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में पेड़ गिरने की घटनाएं बढ़कर 855 हो गई थीं। इसके अलावा, मैनहोल में गिरकर हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद बीएमसी अब हर साल जनवरी से ही सभी 1 लाख से ज्यादा मैनहोल्स की मैपिंग और रखरखाव का काम शुरू करेगी।
मंगलवार को दिल्ली और मुंबई में हुई भारी बारिश के कारण विमान सेवाओं पर बुरा असर पड़ा है। फ्लाइट्स के शेड्यूल बिगड़ने के बाद इंडिगो (IndiGo) समेत कई एयरलाइंस ने एडवायजरी जारी कर यात्रियों को उड़ानों में देरी को लेकर सचेत किया है। एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस ऐप या वेबसाइट पर जरूर चेक कर लें और सड़कों पर पानी और ट्रैफिक जाम को देखते हुए घर से अतिरिक्त समय लेकर निकलें।
महाराष्ट्र में बीते 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने तबाही मचाई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (MSDMA) के मुताबिक, पालघर में सबसे ज्यादा 203.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि ठाणे में 116.4 मिमी और रायगढ़ में 108.7 मिमी पानी बरसा। इस भारी बारिश से कोंकण क्षेत्र की अंबा, सावित्री और जगबुड़ी नदियां खतरे के निशान को पार कर गई हैं। अलग-अलग हादसों में सतारा में लैंडस्लाइड और नंदुरबार में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई मवेशी भी बाढ़ और दीवार गिरने की चपेट में आ गए।
पुणे में लगातार भारी बारिश के चलते इंद्रायणी नदी उफान पर है, जिससे आळंदी को जोड़ने वाले सभी चारों पुल पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। इसे देखते हुए पुणे जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और वारकरियों के लिए एडवायजरी जारी कर उन्हें फिलहाल आळंदी न आने और अपनी यात्रा को वहीं रोकने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से नदी के घाटों और डूबे हुए पुलों से दूर रहने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई के लिए मौसम की चेतावनी को ‘ऑरेंज’ से घटाकर ‘येलो’ अलर्ट कर दिया है, जिसके तहत शहर में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है। हालांकि, पड़ोसी जिले पालघर में खतरा टला नहीं है और वह अब भी ‘रेड’ अलर्ट पर है, जबकि ठाणे में ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी रखा गया है।
मौसम विभाग (IMD) ने ठाणे में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश के साथ 70-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। प्रशासन ने पिछले मानसून में हुए भूस्खलन और डूबने के हादसों का हवाला देते हुए स्थानीय अधिकारियों को सुरक्षा पाबंदियां सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए ठाणे जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिला कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अगले आदेश तक किलों, झरनों (वाटरफॉल्स), बांधों, झीलों और नदियों जैसे सभी पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है, ताकि मानसून में हादसों को रोका जा सके।
महाराष्ट्र में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नासिक में गोदावरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर और मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए, प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शनार्थियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।
मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में बीते 24 घंटों में भारी बारिश दर्ज की गई है। आज सुबह 8:30 बजे तक ठाणे में सबसे ज्यादा 112 मिमी पानी बरसा, जबकि सांताक्रुज में 90.4 मिमी और कोलाबा में 57.2 मिमी बारिश हुई। नवी मुंबई के ऐरोली में 87.4 मिमी और कोपरखैरने में 72 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
पश्चिम रेलवे के नालासोपारा स्टेशन पर पटरियों से पानी उतरने के बाद आज सुबह 4 बजे वसई और विरार के बीच ट्रेन सेवाएं आखिरकार दोबारा शुरू हो गईं। भारी जलभराव के कारण इस रूट पर कल, 6 जुलाई की सुबह 9:30 बजे से ही ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई थी।
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण ठप हुए कर्जत-लोनावला रेल खंड को दुरुस्त करने का काम तेजी से जारी है। प्रभावित 9 जगहों में से 4 पर काम लगभग पूरा हो चुका है। इस संकट के चलते अब तक 146 एक्सप्रेस ट्रेनें प्रभावित हुई हैं, जिनमें 41 कैंसिल और 59 डायवर्ट की गई हैं, जबकि 4 पुणे-लोनावला लोकल भी रद्द हैं।
Mumbai Rains Updates: मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में पिछले तीन दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. पिछले 48 घंटों में ही मुंबई शहर में 300 मिमी, जबकि पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में क्रमशः 380 मिमी और 345 मिमी जैसी रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की जा चुकी है. इस भारी बरसात और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज हवाओं को देखते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की पूरी मशीनरी को युद्ध स्तर पर काम पर लगा दिया गया है.
जनता की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम
आम लोगों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए बीएमसी का आपदा प्रबंधन विभाग 24 घंटे हर स्थिति पर पैनी नजर रख रहा है. पेड़ गिरने, शॉर्ट सर्किट होने और जर्जर इमारतों के ढहने जैसी किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए शहर के संवेदनशील इलाकों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं. इसके साथ ही, जलभराव वाले इलाकों से पानी को तेजी से निकालने के लिए हाई-कैपेसिटी वाले पंप और अतिरिक्त कर्मचारियों को लगातार काम पर लगाया गया है.
9 जुलाई को बुलाई गई बड़ी बैठक
इस बीच, बारिश के गंभीर हालातों और इससे हुए नुकसान की समीक्षा करने के लिए 9 जुलाई को बीएमसी की एक विशेष आम बैठक (जनरल बॉडी मीटिंग) बुलाई गई है. इस बैठक में शहर की ताजा स्थिति और बारिश से जुड़े हादसों को लेकर तीखी बहस होने की उम्मीद है. प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे सतर्क रहें और सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें.
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