महाराष्ट्र के दो सबसे बड़े औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों (मुंबई और पुणे) के बीच यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों और व्यावसायिक वाहनों के लिए भारतीय राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बड़ी सौगात दी है. एनएचएआई ने दोनों शहरों के बीच बढ़ते ट्रैफिक जाम को हमेशा के लिए खत्म करने के उद्देश्य से एक तीसरे स्वतंत्र मुंबई-पुणे एक्सप्रेस कॉरिडोर के निर्माण को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है.

इस परियोजना के पूरा होने के बाद, मुंबई और पुणे के बीच का यात्रा समय घटकर सिर्फ 90 मिनट (डेढ़ घंटा) रह जाएगा. वर्तमान में दोनों शहरों के बीच चलने वाले वाहनों को भारी ट्रैफिक और घाट सेक्शन के कारण लगभग ढाई से तीन घंटे का समय लगता है, जिससे यह नया हाई-स्पीड कॉरिडोर पूरी तरह से गेमचेंजर साबित होने वाला है.

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₹15,000 करोड़ की भारी-भरकम लागत से तैयार होगा नया एक्सप्रेसवे

बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने के लिए तैयार किए गए इस नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत लगभग ₹15,000 करोड़ तय की गई है. यह आधुनिक हाईवे पूरी तरह से 'एक्सेस-नियंत्रित' (Access-Controlled) और 8-लेन का चौड़ा मार्ग होगा, जिसे मौजूदा मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग के समानांतर (Parallel) बनाया जा रहा है.

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अधिकारियों के मुताबिक, वीकेंड्स (शनिवार-रविवार), लंबी छुट्टियों और त्योहारों के दौरान अभी हाईवे पूरी तरह से संतृप्ति (सैचुरेशन) के स्तर पर पहुंच जाते हैं, जिससे मीलों लंबा जाम लग जाता है. यह तीसरा वैकल्पिक मार्ग रोजाना सफर करने वाले करीब 3 लाख वाहनों को एक सुरक्षित, चौड़ा और बिना किसी रुकावट वाला बेहद तेज रफ्तार विकल्प प्रदान करेगा.

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130 किलोमीटर लंबे नए कॉरिडोर से जुड़ेगा मुंबई, नवी मुंबई और पुणे

जानकारी के अनुसार यह नया एक्सप्रेस कॉरिडोर अटल सेतु से शुरू होकर चौक, पुणे और शिरवल तक जाएगा. इसकी कुल लंबाई करीब 130 किलोमीटर होगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि करीब 30 किलोमीटर हिस्से की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है, जबकि बाकी हिस्सों पर सर्वे और तकनीकी अध्ययन का काम जारी है. परियोजना के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने और फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. NHAI ने इसके लिए 24 जून तक की समय सीमा तय की है, जिसके बाद निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. शुरुआती सर्वे और रूट निरीक्षण का काम इसी साल शुरू होने की संभावना है.

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