मुंबई में एक बार फिर साइबर ठगों ने हैरान करने वाली वारदात को अंजाम दिया है. इस बार उनके निशाने पर आम नागरिक नहीं, बल्कि न्यायपालिका से जुड़े एक जज आ गए. 46 वर्षीय जज से ठगों ने बेहद शातिर तरीके से 93 हजार रुपये की ठगी कर ली. जानकारी के मुताबिक, जज ने अपने मोबाइल से Samsung कस्टमर केयर से संपर्क करने के लिए ऑनलाइन हेल्पलाइन नंबर सर्च किया था. लेकिन जो नंबर मिला, वह असल में साइबर ठगों का जाल था. खुद को कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर ठगों ने भरोसा जीता और फिर उन्हें व्हाट्सऐप के जरिए एक APK फाइल भेज दी.

ठगों ने कैसे बिछाया जाल?

ठगों ने जज को यह कहकर ऐप इंस्टॉल करने के लिए राजी किया कि इससे उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा. इसके बाद उन्हें Google Pay के माध्यम से मात्र 20 रुपये का भुगतान करने को कहा गया. जैसे ही जज ने ऐप इंस्टॉल किया, ठगों को उनके मोबाइल और बैंकिंग सिस्टम तक पहुंच मिल गई. पुलिस के अनुसार, इसके तुरंत बाद State Bank of India के खाते से दो अनधिकृत ट्रांजैक्शन किए गए और कुल 93 हजार रुपये निकाल लिए गए. जब तक जज को इस धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तब तक काफी देर हो चुकी थी. घटना सामने आने के बाद पीड़ित ने ताड़देव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई.

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APK फाइल के जरिए फोन का रिमोट एक्सेस

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और साइबर ठगों की तलाश शुरू कर दी गई है. शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि ठग APK फाइल के जरिए फोन का रिमोट एक्सेस हासिल कर लेते हैं और फिर बैंकिंग जानकारी का दुरुपयोग करते हैं. मुंबई पुलिस ने इस घटना के बाद लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. पुलिस का कहना है कि किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही लेना चाहिए. साथ ही, व्हाट्सऐप या अन्य माध्यमों से भेजी गई APK फाइल या संदिग्ध लिंक को बिना जांचे डाउनलोड करना खतरनाक हो सकता है.

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