Extreme Heat In Mumbai: सर्दी के बाद आमतौर पर फरवरी का महीना सुहावना होता है, लेकिन इस साल मुंबई में मौसम ने सभी को चौंका दिया है। ठंडी हवाओं की जगह अब तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने ले ली है। तापमान सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा पहुंच गया है, जिससे लोगों को मार्च-अप्रैल जैसी तपिश का अहसास हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है और जल संकट की चेतावनी भी दी जा रही है। झीलों का पानी तेजी से घट रहा है, जिससे भविष्य में परेशानी बढ़ सकती है। आइए जानते हैं…
IMD ने जारी किया हीटवेव अलर्ट
मुंबई इस साल फरवरी में असामान्य रूप से भीषण गर्मी का सामना कर रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार और बुधवार के लिए शहर और आसपास के क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मुंबई का तापमान 37-38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो सामान्य से 5 डिग्री अधिक है। इस गर्मी के कारण पानी की कमी की कमी हो सकती हैं, जिससे वजह से शहर में जल संकट की समस्या बढ़ने की आशंका है।
मुंबई के जल भंडार पर असर
मुंबई में पिछले एक हफ्ते से ज्यादा गर्मी पड़ रही है, जिससे झीलों का पानी तेजी से उड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई की सात झीलों में सोमवार तक सिर्फ 51.12% पानी बचा था। अगर गर्मी ऐसे ही बनी रही, तो पानी का स्तर और कम हो सकता है। नगर निगम अधिकारी ने बताया कि ज्यादा तापमान की वजह से पानी जल्दी भाप बनकर उड़ जाता है, जिससे झीलों का पानी तेजी से घटता है। पिछले साल भी ऐसी ही गर्मी के कारण मई में पानी की कटौती करनी पड़ी थी। फिलहाल BMC ने पानी कटने की कोई घोषणा नहीं की है, लेकिन स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

उत्तर भारत में बर्फबारी से राहत
जहां मुंबई में भीषण गर्मी पड़ रही है, वहीं उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से मौसम ठंडा और सुहावना हो गया है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हाल ही में बर्फबारी हुई है, जिससे वहां पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई है। 20 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में बर्फ गिरी और मौसम विभाग ने 26 से 28 फरवरी के बीच और बर्फबारी होने की संभावना जताई है। श्रीनगर में तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि गुलमर्ग में यह शून्य से 1 डिग्री नीचे चला गया। हिमाचल प्रदेश के मशहूर हिल स्टेशन कुफरी में भी हल्की बर्फबारी हुई, जिससे स्थानीय कारोबारियों को फायदा हुआ है।
मुंबई में जल संकट की आशंका
मुंबई के जल भंडारों में अभी करीब चार महीने का पानी बचा है, लेकिन अगर मानसून देर से आया तो पानी की समस्या बढ़ सकती है। आमतौर पर मानसून 10 से 15 जून के बीच आता है, लेकिन पिछले साल बारिश देर से शुरू हुई थी, जिससे BMC को झीलों के रिजर्व स्टॉक का इस्तेमाल करना पड़ा था। इस साल भी अगर गर्मी जारी रही और मानसून में देरी हुई, तो पानी की किल्लत हो सकती है। मुंबई में पानी की सप्लाई तांसा, भातसा, तुलसी, विहार, अपर वैतरणा, मिडल वैतरणा और मोडक सागर झीलों से होती है। इनमें से तुलसी और विहार झीलें मुंबई में हैं, जबकि बाकी झीलें ठाणे, पालघर और नासिक जिलों में हैं।