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मुंबई: BMC चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका, पूर्व मेयर ने थामा शिवसेना का दामन

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद से महाविकास आघाड़ी के घटक दलों से नेताओं का महायुति में शामिल होने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में मुंबई के पूर्व मेयर और 2007 तक तीन बार पार्षद रह चुके दत्ता दलवी ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया।

Maharashtra Politics
महाराष्ट्र में आगामी मुंबई BMC चुनावों से पहले एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव ठाकरे को करारा झटका दिया है। सोमवार को मुंबई के पूर्व महापौर और उभाठा के उपनेता दत्ता दलवी ने सैकड़ों समर्थकों के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना का दामन थाम लिया। इस मौके पर डिप्टी सीएम और शिवसेना प्रमुख शिंदे ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के बाद अगर किसी ने मुंबई की सड़कों की सफाई की है, तो वह महायुति है लेकिन इससे पहले कुछ लोगों ने मुंबई के खजाने की ही सफाई कर दी थी। शिंदे ने भले ही नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर उद्धव ठाकरे की ओर था।

मुंबई वासियों को बेहतर सेवाएं देने की कोशिश जारी

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि कुछ लोग मुंबई महानगरपालिका को अपनी निजी जागीर समझ बैठे थे, लेकिन महायुति सरकार के सत्ता में आने के बाद मुंबई की कई अटकी हुई परियोजनाएं दोबारा शुरू की गई हैं। उन्होंने बताया कि सरकार मुंबई वासियों को बेहतर आवास और स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। शिंदे ने दावा किया कि अब तक उभाठा से 45 से 50 नगरसेवक मूल शिवसेना में लौट चुके हैं जबकि मुंबई महानगरपालिका में अलग-अलग दलों के करीब 70 मौजूदा नगर सेवक शिवसेना में शामिल हो चुके हैं। इसी आधार पर उन्होंने विश्वास जताया कि भगवा गठबंधन आने वाले बीएमसी चुनावों में भी अपना प्रभाव जमाने में सफल रहेगा।

पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि विधानसभा चुनाव में हमने 80 सीटों पर चुनाव लड़ा और 60 पर जीत दर्ज की, जबकि उभाठा ने 100 सीटों पर चुनाव लड़ा और महज 20 सीटें ही जीत सका। उन्होंने कहा कि जनता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि असली शिवसेना कौन है। अब वक्त आ गया है कि स्थानीय निकाय चुनावों में भी महायुति का भगवा झंडा लहराए। इसके साथ ही उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि शिवसेना और सरकार पूरी तरह से पर्यटकों के साथ खड़ी है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर कोई राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। ये भी पढ़ें- बांद्रा के शोरूम में भीषण आग को बुझाने में छूटे पसीने, लिंक स्क्वेयर मॉल से निकला धुआं


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