महाराष्ट्र में गिरते जलस्तर और बारिश की कमी के लिए चलते इन दिनों कई इलाके सूखे की चपेट में है. पानी की कमी से कई किसानों की उपज को नुकसान पहुंचा और अब उन्हें कई अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में सूखा प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देते हुए महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने पहली बार 5000 रुपये की अग्रिम सहायता राशि देने का ऐलान किया है. महाराष्ट्र सरकार के सूत्रों ने ANI को बताया है कि राज्य के इतिहास में यह पहली बार है जब सूखे से प्रभावित किसानों को अग्रिम सहायता मिलेगी.
महाराष्ट्र सरकार को उम्मीद है कि इस सहायता राशि से लगभग 1 से 1.25 करोड़ किसानों को फायदा पहुंचेगा और पैसा सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा. इस अग्रिम सहायता की कुल राशि लगभग 6,000 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है. सूत्रों का कहना है कि इससे पहले किसी भी सरकार ने ऐसी अग्रिम सहायता नहीं दी है. आपको बता दें कि पहले सरकार द्वारा किसानों को दी जाने वाली सहायता राशि कम से कम 1000 रुपये थी, अब इसे बढ़ाकर न्यूनतम सहायता 5,000 रुपये कर दी गई है.
सूत्रों के अनुसार, बैठकों के दौरान कुछ मंत्रियों ने शिकायत की कि आदर्श आचार संहिता (MCC) लागू होने के कारण चुनाव आयोग अनुमति नहीं दे रहा है और इसलिए अधिकारी बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं.
नागपुर में पानी बर्बाद किया तो 5,000 रुपये जुर्माना
महाराष्ट्र के नागपुर में जलाशयों में पानी का स्तर घटने के बाद नगर निगम ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं. जलाशयों में अब उनकी कुल क्षमता का महज 58 फीसदी पानी बचा है. ऐसे में प्रशासन ने लोगों से पानी का इस्तेमाल सावधानी से करने की अपील की है. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं, अवैध नल कनेक्शन लेने और पानी के मीटर से छेड़छाड़ करने पर एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई की जाएगी.
नागपुर नगर निगम (NMC) ने पाइप से वाहन धोने, आंगन में अनावश्यक रूप से पानी बहाने और अन्य तरीकों से पानी बर्बाद करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा बांधों से होने वाली जलापूर्ति पर निर्भरता कम करने के लिए पुराने कुओं की सफाई कर उनमें सोलर पंप लगाने की योजना है. पार्कों और निर्माण कार्यों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से शोधित पानी का इस्तेमाल किया जाएगा.