Sachin Waze: मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी सचिन वाजे की लाइफस्टाइल बॉम्बे हाईकोर्ट में जांच के दायरे में आ गई, जहां नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने जबरन वसूली और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के आरोपों पर अपनी दलीलें पेश कीं. सुनवाई के दौरान उनके द्वारा लग्जरी कारों के इस्तेमाल और एक फाइव-स्टार होटल में कथित तौर पर 100 दिन तक रहने के मामले पर चर्चा हुई.
लग्जरी कारों पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने सवाल किया कि एक असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर (API), जिसकी मंथली इनकम तकरीबन 90000 रुपये है, वो मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी गाड़ियों का इस्तेमाल कैसे कर सकता है. NIA ने बताया कि वाजे कथित तौर पर इन गाड़ियों का यूज ऑफिस आने-जाने और महाराष्ट्र के सीएम के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ जाने के लिए करते थे. कोर्ट ने उनकी बताई गई सैलरी और लाइफस्टाइल के बीच साफ अंतर पर सफाई मांगी. इन सवालों ने सुनवाई के दौरान आरोपों के फाइनेंशियल पहलुओं को सामने ला दिया.
100 दिन होटल में रहने पर सवाल
मुंबई के ओबेरॉय होटल में सचिन वाजे के कथित तौर पर तकरीबन 100 दिन तक रहने का मामला भी कोर्ट के ध्यान में आया. बेंच ने सवाल किया कि लगभग 90000 महीने की तनख्वाह वाला अधिकारी किसी लग्जरी होटल में इतने लंबे वक्त तक रहने का खर्च कैसे उठा सकता है.
रिश्वत लेने का शक
NIA ने जबरन वसूली और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के आरोपों से जुड़े मामले को पेश करते हुए इन हालात का जिक्र किया. हालांकि सुनवाई के दौरान उठाए गए सवाल अपने आप में अपराध साबित नहीं करते, और आरोपों की जांच मौजूदा सबूतों के आधार पर की जानी चाहिए.
एंटीलिया विस्फोटक मामले से कनेक्शन
बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास ‘एंटीलिया’ के पास विस्फोटक से भरी एसयूवी मिलने के बाद सचिन वाजे जांच के दायरे में आए. व्यापारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में भी उनका नाम सामने आया.
सुनवाई के दौरान, हाईकोर्ट ने जांचकर्ताओं से SUV से बरामद जिलेटिन स्टिक्स के बारे में सवाल किए, जिसमें उनके सोर्स और जांच के दौरान इसका पता क्यों नहीं चल पाया, जैसे मुद्दे शामिल थे. NIA ने आरोप लगाया कि वाजे ने जांचकर्ताओं का सहयोग नहीं किया. नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने वाजे को मिली जमानत को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया और इस राहत पर रोक जारी रखने की मांग की. अदालत ने मामले को न्यायिक विचार के अधीन रखते हुए रोक को बरकरार रखा.