Maharashtra Building Collapse: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया, जब चार मंजिला कोहिनूर इमारत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया. हादसे के समय भवन में कई परिवार मौजूद थे, जिसके चलते मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है. वहीं, ताजा जानकारी के अनुसार, अब तक इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो चुकी है. घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है.

भिवंडी बिल्डिंग हादसे पर ठाणे जिला अधिकारी श्री कृष्ण पांचाल ने बताया कि हादसे के बाद करीब 30 परिवार को बचाया गया है. करीब 70 से 80 लोगों को रेस्क्यू किया गया है. हादसे के पीछे काम करने वाले कांट्रेक्टर दोषी है. FIR दर्ज की जाएगी. C1 कैटेगरी की इमारत को मरम्मत किया नहीं जाता है, महानगर पालिका को इसकी जानकारी देनी चाहिए और जब बिल्डिंग में लोग रह रहे हो ऐसे समय में मरम्मत कार्य अपेक्षित नहीं था.. बावजूद इसके यह कार्य चल रहा था. जल्द ही जांच पूरी कर FIR दर्ज की जाएगी.

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मिली जानकारी के अनुसार, भिवंडी बिल्डिंग हादसे में 6 मजदूरों के अलावा 5 वहां रहने वाले लोग भी फंसे हुए हैं. दो लोगों को मलबे से निकाला गया है. हादसे में 6 लोगों की मौत की खबर भी सामने आई है. वहीं, एक मृत व्यक्ति की पहचान शमीम 32 साल के रूप में हुई है.

वहीं, घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, इमारत से अचानक तेज आवाज आई, जिसके कुछ ही समय बाद उसका बड़ा हिस्सा ढह गया. हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य में जुटे प्रशासनिक दलों की मदद करने लगे. सुरक्षा के मद्देनजर इमारत के आस-पास का क्षेत्र खाली करा दिया गया है, ताकि राहत कार्य में किसी प्रकार की रूकावट न आए.

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जेसीबी और क्रेन से हटाया जा रहा मलबा

बता दें कि राहत अभियान में जेसीबी मशीनों, क्रेनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि मलबे के अंदर लोगों के फंसे होने की संभावना है इसलिए अभियान बेहद सावधानी से चलाया जा रहा है. मौके पर एंबुलेंस और चिकित्सा दल भी तैनात किए गए हैं, ताकि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके. प्रशासन ने अभी तक हताहतों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है और कहा है कि बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

भिवंडी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के बीच पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. नगर प्रशासन पहले भी कई इमारतों को खतरनाक श्रेणी में चिन्हित कर चुका है और मानसून के दौरान ऐसे भवनों को खाली कराने का काम चल रहा है. इसके बावजूद पुराने भवनों में लोगों का रहना प्रशासन के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है.

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मलबे में अपने पति की तलाश कर रहीं नेहा

बिल्डिंग गिरने के बाद अपने पति की तलाश कर रहीं स्थानीय निवासी नेहा सिंह ने कहा, 'वे यह कहकर नीचे आए थे कि बस कुछ चेक करना है. उनके नीचे आने के करीब 10 मिनट बाद ही बिल्डिंग गिर गई. यह रात करीब 11:30 बजे गिरी. वहां कुछ काम चल रहा था. मेरी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए मैं पहले नीचे नहीं आई थी. बिल्डिंग गिरने के बाद से मेरे पति, रंजीत सिंह, लापता हैं. उनका फोन बज रहा है, लेकिन वे जवाब नहीं दे रहे हैं.'

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