महाराष्ट्र ने प्रशासनिक सुधार और डिजिटल लर्निंग के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए ‘साधना सप्ताह 2026’ में पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है. केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत मिली यह उपलब्धि राज्य के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है.

इस ऐतिहासिक प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र की टीम को बधाई दी है. उन्होंने प्रशंसा पत्र भेजकर ‘साधना सप्ताह 2026’ के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा दिखाए गए समर्पण, अनुशासन और मेहनत की सराहना की.

---विज्ञापन---

अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो महाराष्ट्र ने iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर शानदार प्रदर्शन करते हुए करीब 46 लाख 94 हजार 597 कोर्स कम्प्लीशन और 6 लाख 59 हजार 759 एआई-आधारित सर्टिफिकेशन हासिल किए हैं.
ये आंकड़े सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि राज्य के प्रशासनिक ढांचे में तेजी से हो रहे बदलाव और डिजिटल सशक्तिकरण की स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं.

---विज्ञापन---

‘मिशन कर्मयोगी’ का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को आधुनिक स्किल्स, डिजिटल ट्रेनिंग और बेहतर कार्यशैली से लैस करना है, ताकि प्रशासन अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बन सके. महाराष्ट्र ने इस पहल को गंभीरता से अपनाते हुए इसे जमीनी स्तर तक सफलतापूर्वक लागू किया है. इस उपलब्धि के साथ महाराष्ट्र ने न केवल देश में पहला स्थान हासिल किया, बल्कि अन्य राज्यों के लिए एक मजबूत बेंचमार्क भी स्थापित कर दिया है. राज्य की यह कामयाबी साफ संकेत देती है कि अगर दिशा स्पष्ट हो और नेतृत्व मजबूत, तो प्रशासनिक सुधारों के जरिए नई ऊंचाइयों को छूना संभव है

---विज्ञापन---

---विज्ञापन---

---विज्ञापन---